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कठुआ रेप केस : गवाह को प्रताड़ित करने की याचिका में नया मोड़, पीड़िता भी पहुंची सुप्रीम कोर्ट

कठुआ रेप केस के गवाह को टार्चर करने की याचिका में नया मोड़ आ गया है. 

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कठुआ रेप केस : गवाह को प्रताड़ित करने की याचिका में नया मोड़, पीड़िता भी पहुंची सुप्रीम कोर्ट

तालिब हुसैन के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराने वाली पीड़िता भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है.

नई दिल्ली : कठुआ रेप केस के गवाह को टार्चर करने की याचिका में नया मोड़ आ गया है. गवाह तालिब हुसैन के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराने वाली पीड़िता भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि तालिब हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ FIR दर्ज है. अगर उसे जेल से रिहा किया गया तो वो पीड़ित को प्रताड़ित कर सकता है. वहीं तालिब की ओर से कहा गया कि उसे हिरासत में टार्चर किया जा रहा है. दूसरी तरफ, जम्मू कश्मीर सरकार ने कोर्ट में कहा कि उसे हाल ही में तालिब की याचिका मिली है, इसलिए हलफनामा दाखिल करने के लिए वक्त चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 29 अगस्त के लिए टाल दी है. सुप्रीम कोर्ट ने रेप की पीड़िता को भी पक्षकार बनने की इजाजत दे दी है.

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गौरतलब है कि कठुआ रेप केस मामले के गवाह को लेकर दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने तालिब हुसैन की चचेरी बहन की याचिका पर जम्मू कश्मीर सरकार को नॉटिस जारी कर एक हफ़्ते में जवाब मांगा था. हुसैन को टार्चर करने का आरोप लगाया गया है. सामाजिक कार्यकर्ता और कठुआ मामले में गवाह तालिब हुसैन के चचेरी बहन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया तालिब का हिरासत में टार्चर हो रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तालिब हुसैन पर रेप का आरोप है. याचिकाकर्ता ने कहा कि तालिब को ग़ैर कानूनी तौर पर हिरासत में रखा गया है, ऐसे में वो हैबियस कॉर्पस की याचिका दाखिल कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने पूछा आप ये साबित करिए कि तालिब को गैर कानूनी तौर पर हिरासत में लिया गया है. 

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याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि महिला की  शिकायत पर उन्हें गिरफ्तार किया गया, जबकि एक अन्य FIR पर तालिब को अग्रिम जमानत मिली हुई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर गिरफ्तारी कानून के मुताबिक हुई है तो उस हिसाब से कानून काम करेगा. याचिकाकर्ता  की तरफ से कहा गया कि वो रिहाई के लिए नही आये हैं बल्कि कस्टडी में टॉर्चर को लेकर आये हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपको समझना होगा कि अवैध हिरासत टॉर्चर और हिरासत में टॉर्चर अलग अलग मामला है. सुप्रीम कोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका में कहा गया कि उन्हें कोर्ट के सामने पेश किया जाए. याचिका में कहा गया कि सांभा पुलिस तालिब हुसैन का उत्पीड़न कर रही है.  

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