यह ख़बर 20 मार्च, 2014 को प्रकाशित हुई थी

जाने-माने साहित्यकार-पत्रकार खुशवंत सिंह का 99 वर्ष की आयु में निधन

नई दिल्ली:

देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'पद्मविभूषण' से सम्मानित जाने-माने लेखक और पत्रकार खुशवंत सिंह का गुरुवार को 99 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके पुत्र राहुल सिंह ने जानकारी दी है कि उन्होंने (खुशवंत सिंह ने) अपने सुजान सिंह पार्क स्थित आवास में शांति से अंतिम सांस ली।

उनके देहावसान का समाचार मिलने के तुरन्त बाद सोशल मीडिया पर शोक संदेशों की बाढ़-सी आ गई है। बॉलीवुड में 'बादशाह' कहे जाने वाले शाहरुख खान (@iamsrk) ने ट्विटर पर लिखा, "ओह नहीं... खुशवंत सिंह नहीं रहे... उन्होंने अपने साहित्यिक योगदान से हमारी ज़िन्दगियों को काफी समृद्ध किया... वह सभी को एक नज़र से देखते थे... परमात्मा उनकी आत्मा को शांति दे..." अशोक मलिक द्वारा लिखे गए एक अन्य संदेश में कहा गया, "बल्ब बुझ गया है... अलविदा खुशवंत सिंह..."

उनके पुत्र के अनुसार, "वह (खुशवंत सिंह) जिसके बारे में भी जैसा सोचते थे, वैसा ही बोलते थे... उन्हें दोगलेपन, दुराव-छिपाव तथा कट्टरपन से नफरत थी... वह काफी मृदु स्वभाव के व्यक्ति थे..."

2 फरवरी, 1915 को हदाली (अब पाकिस्तान-स्थित पंजाब में) में पैदा हुए खुशवंत सिंह 'योजना' के संस्थापक-संपादक, 'इलुस्ट्रेटेड वीकली ऑफ इंडिया', 'नेशनल हेराल्ड' और 'हिन्दुस्तान टाइम्स' के संपादक रहे। उन्होंने 'ट्रेन टु पाकिस्तान', 'आई शैल नॉट हियर द नाइटिंगेल' तथा 'दिल्ली' जैसी कालजयी रचनाएं भी लिखीं।

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95 वर्ष की आयु में खुशवंत सिंह ने उपन्यास 'द सनसेट क्लब' लिखा था। गैर-काल्पनिक श्रेणी की उनकी रचनाओं में दो खंडों में लिखी 'अ हिस्ट्री ऑफ द सिख्स', उनके द्वारा किए गए अनेक अनुवाद तथा सिख धर्म-संस्कृति, दिल्ली, प्रकृति, सामयिक मुद्दे व उर्दू शायरी से जुड़े कार्य काफी उल्लेखनीय रहे। पेंग्विन बुक्स द्वारा वर्ष 2002 में उनकी आत्मकथा 'ट्रुथ, लव एंड अ लिटिल मैलिस' प्रकाशित की गई थी।

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खुशवंत सिंह वर्ष 1980 से 1986 तक संसद सदस्य भी रहे। उन्हें वर्ष 1974 में देश का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान 'पद्मभूषण' प्रदान किया गया था, जिसे उन्होंने वर्ष 1984 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में भारतीय सेना द्वारा की गई कार्रवाई के बाद लौटा दिया। बाद में, वर्ष 2007 में उन्हें देश का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान 'पद्मविभूषण' प्रदान किया गया।