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मोदी सरकार के मंत्री केजे अल्फोंस का विवादित बयान- पेट्रोल, डीजल खरीदने वाले भूखे नहीं मर रहे

अल्फोन्स कहा कि कार और बाइक चलाने वाले ही पेट्रोल खरीदते हैं, पेट्रोल खरीदने वाले भूखे तो नहीं मर रहे है. 

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मोदी सरकार के मंत्री केजे अल्फोंस का विवादित बयान- पेट्रोल, डीजल खरीदने वाले भूखे नहीं मर रहे

केंद्रीय मंत्री केजे अल्फोंस ने पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों पर दिया विवादित बयान...

खास बातें

  1. केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री अल्फोंस ने दिया विवादित बयान
  2. पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती कीमतों को उन्होंने सही ठहराया
  3. कहा- पेट्रोल खरीदने वाले भूखे तो नहीं मर रहे हैं
त्रिवेंद्रम : केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री अल्फोंस ने एक ऐसा बयान दे दिया है जिससे सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती कीमतों को उन्होंने सही ठहराया है. त्रिवेंद्रम में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कार और बाइक चलाने वाले ही पेट्रोल खरीदते हैं, पेट्रोल खरीदने वाले भूखे तो नहीं मर रहे हैं. 

पढ़ें- पेट्रोल की पोल खोल: कैसे 26 रुपये का पेट्रोल 70 रुपये का हो जाता है

उन्होंने कहा कि सरकार ने यह फ़ैसला सोच समझकर लिया है. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग टैक्स दे सकते हैं, उन्हें टैक्स देना चाहिए. हम आपको बता दें देशभर में पेट्रोल की कीमतें तीन साल के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई है. कहीं- कहीं तो ये 81 रुपये प्रति लीटर को भी पार कर गई है.

पढ़ें : पेट्रोल की कीमत पहुंची 80 रुपए प्रति लीटर, याद आया पीएम मोदी का 'नसीबवाला' भाषण

ध्यान देने वाली बात है कि पेट्रोल की कीमतों में तेज़ी का एक बड़ा कारण केंद्र सरकार का एक्साइज़ ड्यूटी बढ़ाना है. साथ ही राज्यों द्वारा पेट्रो पदार्थों पर ज़्यादा वैट वसूलने से भी कीमतें बेतहाशा बढ़ी हैं. पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में कमी के समय केंद्र सरकार ने लागातार एक्साइज़ ड्यूटी बढ़ाई थी और इसमें अब तक कमी नहीं आई है.

पेट्रोल और डीजल की कीमतें साल 2014 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तीन साल पहले के मुकाबले आधी रह गई हैं, बावजूद इसके देश में पेट्रोल, डीजल की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है. मुंबई में तो पेट्रोल के दाम बुधवार को करीब 80 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया.

VIDEO: केजे अल्फोंस ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को जस्टिफाई किया है

मोदी सरकार के आने के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 53 फीसदी तक कम हो गए हैं, लेकिन पेट्रोल डीजल के दाम घटने की बजाय बेतहाशा बढ़ गए हैं. मोटे अनुमान के अनुसार पेट्रोल पर ड्यूटी 10 रुपये लीटर से बढ़कर करीब 22 रुपये हो गई है.


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