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सुनंदा पुष्कर मौत में अग्रिम जमानत पाने वाले शशि थरूर की इस बात के लिए पीएम मोदी भी कर चुके हैं तारीफ

सुनंदा पुष्कर मौत मामले में कांग्रेस नेता शशि थरूर के ऊपर लटकी गिरफ्तारी की तलवार से फिलहाल दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने राहत दे दी है.

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सुनंदा पुष्कर मौत में अग्रिम जमानत पाने वाले शशि थरूर की इस बात के लिए पीएम मोदी भी कर चुके हैं तारीफ

शशि थरूर (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: सुनंदा पुष्कर मौत मामले में कांग्रेस नेता शशि थरूर के ऊपर लटकी गिरफ्तारी की तलवार से फिलहाल दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने राहत दे दी है. गुरुवार को शशि थरूर की याचिका पर कोर्ट ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर उन्हें अग्रिम जमानत दे दी. हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि शशि थरूर बिना कोर्ट की इजाजत के विदेश नहीं जा सकते हैं. बता दें कि सुनंदा पुष्कर मौत मामले में शशि थरूर को आरोपी बनाया गया है और इसके लिए उन्हें पहले समन भी जारी किया जा चुका है. शशि थरूर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए (पति या रिश्तेदार द्वारा महिला को प्रताड़ना) और 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत आरोप लगाये गये हैं. 

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9 मार्च 1956 को लंदन में जन्मे शशि थरूर भारतीय राजनीति के न सिर्फ कद्दावर नेता हैं, वह राजनियक भी रह चुके हैं. शशि थरूर केरल की तिरूवनंतपुरम लोकसभा सीट से कांग्रेस के लोकसभा सांसद हैं. इतना ही नहीं, अभी वह विदेशी मामलों के संसदीय स्थायी समिति के चेयरमैन हैं. कांग्रेस के दिग्गज नेता के रूप में राजनीति में अपनी पहचान बनाने से पहले शशि थरूर संयुक्त राष्ट्र में अपनी सेवा भी दे चुके हैं. साल 2006 में शशि थरूर ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव के चुनाव के लिए बान की मून को चुनौती दी , मगर इसमें वह हार गये. उसके बाद उन्होंने अपने रिटायरमेंट की घोषणा कर दी और भारतीय राजनीति में कदम रखा. शशि थरूर कांग्रेस की सरकार में विदेश राज्यमंत्री भी रह चुके हैं. साथ ही साल 2014 में कुछ समय से के लिए वह पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता भी रह चुके हैं. 

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शशि थरूर का जन्म लंदन में मलयालयी परिवार में हुआ था. उनके पिता चंद्रण थरूर लंदन, मुंबई, कोलकाता और दिल्ली सहित कई जगहों पर काम कर चुके थे. हालांकि, परिवार के भारत में आ जाने के बाद से शशि थरूर की पढ़ाई भारत में ही हुई. मुंबई और कोलकाता में अपनी प्रारंभिक पढ़ाई करने के बाद शशि थरूर ने दिल्ली के संत स्टीफन कॉलेज से इतिहास में स्नातक की डिग्री हासिल की. 1975 में मास्टर की डिग्री हासिल करने के लिए उन्होंने अमेरिका का रूख किया. महज 29 साल की उम्र में उन्होंने अपना पीएचडी पूरा कर लिया. उसके बाद करीब ढाई दशक तक शशि थरूर ने संयुक्त राष्ट्र में अहम पदों पर काम किया. 

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शशि थरूर की अंग्रेजी की लोग लोहा मानते हैं. ऐसा कहा जाता है कि शशि थरूर की अंग्रेजी समझने के लिए लोगों को डिक्शरी की सहायता लेनी होती है. मतलब यह कि शशि थरूर लेखक और साहित्यकार भी हैं. उन्होंने एक से बढ़कर फिक्शन,नन फिक्शन किताबें लिखी हैं. भारतीय राजनीति और भारत के इतिहास और संस्कृति पर उन्होंने कई किताबें लिखी हैं और उनके कई लेख-जर्नल प्रकाशित हुए हैं. उनकी ज्यादातर किताबें भारत और इसका इतिहास, संस्कृति, फिल्म, राजनीति, समाज, विदेश नीति पर आधारित रही हैं. वह 16 बेस्टसेलिंग किताबों के लेखक हैं. 

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शशि थरूर का विवादों से भी गहरा नाता रहा है. 2009 आईपीएल में भी शशि थरूर का नाम आ चुका है. शशि थरूर सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में तो बतौर आरोपी हैं. बता दें कि सुनंदा पुष्कर शशि थरूर की तीसरी पत्नी रह चुकी हैं. शशि थरूर ने साल 2010 में सुनंदा से शादी की थी. शशि थरूर की पहली शादी पत्नी की तिलोत्तमा मुखर्जी से हुई थी, जो अभी न्यूयॉर्क में प्रोफेसर हैं. उनके दो बच्चे भी हैं. शशि थरूर की दूसरी शादी कनाडा की क्रिस्टा जाइल्स से हुई थी, जो थरूर के साथ संयुक्त राष्ट्र में काम करती थीं. हालांकि तीन साल बाद ही 2010 में दोनों का तलाक हो गया. 

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शशि थरूर का 2015 में ब्रिटेन में दिया गया भाषण आज भी याद किया जाता है. शशि थरूर ने ब्रिटेन में ऑक्सफॉर्ड यूनियन सोसायटी कार्यक्रम के दौरान संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने ब्रिटेन पर हमले किये थे, जिसके वीडियो खूब देखे और पसंद किये गये. अपने भाषण में थरूर ने अपनी बात रखते हुए कहा था कि ब्रिटेन को अपने दो सौ साल के राज से भारत को पहुंचाए गए नुकसान की भरपाई करनी चाहिए. उपनिवेश शासन की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था को कितना नुकसान पहुंचा है इसका ज़िक्र करते हुए थरूर ने कहा कि एक तरफ ब्रिटेन में औद्योगिकरण की लहर चल रही थी, दूसरी तरफ भारत में उद्योग को खत्म करने की मुहीम चलाई जा रही थी. वह भाषण इतना शानदार था कि पीएम मोदी ने भी तारीफ की थी. पीएम मोदी ने एक कार्यक्रम के दौरान शशि थरूर के आक्सफोर्ड डिबेट संबोधन की काफी तारीफ करते हुए कहा था कि शशि जी ने जो कहा वह यूट्यूब पर वायरल हो गया है. गौरतलब है कि आक्सफोर्ड डिबेट के दौरान शशि थरूर ने कहा था कि ब्रिटेन ने 200 साल के अपने शासन के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया और वह उसका मुआवजा दे.

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