जनता परिवार के विलय में पेच के बाद अब आरजेडी-जेडीयू गठबंधन पर माथापच्ची

जनता परिवार के विलय में पेच के बाद अब आरजेडी-जेडीयू गठबंधन पर माथापच्ची

पटना:

बिहार की सियासत को लेकर आज का सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या लालू और नीतीश का गठबंधन होगा या फिर दोनों विधानसभा चुनाव में एक बार फिर एक दूसरे के खिलाफ ताल ठोकते नजर आएंगे।

इस पर नीतीश कुमार ने कहा है कि मेरी कोई प्रतिक्रिया नहीं है। बहुत लोग बोल रहे हैं। नीतीश ने कहा है कि कांग्रेस के साथ हमारा समन्वय काफ़ी अच्छा है और हम लोग चाहते हैं कि आगे भी साथ रहें, लेकिन बाकी लोगों के साथ विस्तार से चर्चा नहीं हो पाई है। वहीं लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि हमारे और जेडीयू के नेताओं में कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने यह भी कहा है कि मेरे और नीतीश कुमार में कोई मतभेद नहीं है। जल्द ही हम गठबंधन पर चर्चा करेंगे और चुनाव भी जीतेंगे।

इससे पहले लालू यादव ने कहा था कि जेडीयू-आरजेडी में गठबंधन होकर रहेगा, लेकिन सभी को बड़े त्याग के लिए तैयार रहना चाहिए। उधर उनके पुराने सहयोगी और मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान का कहना है कि न तो जनता परिवार का विलय होगा और न ही जेडीयू-आरजेडी का गठबंधन।

वहीं आरजेडी नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने आज एक बार फिर कहा है कि विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार को नेता घोषित किए बिना लड़ा जाना चाहिए। हालांकि जेडीयू के नेता अली अनवर का कहना है कि नीतीश ही स्वाभाविक पसंद हैं और वह सभी दलों के समर्थन से ही मुख्यमंत्री हैं।

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दरअसल 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा के चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर दोनों दलों के बीच अब तक बात नहीं बन पायी है। लालू यादव 140 सीटों पर अपना दावा कर रहे हैं, साथ ही नीतीश कुमार को साझा मुख्यमंत्री उम्मीदवार मानने को लेकर भी लालू यादव की हिचकिचाहट सबके सामने है।

लालू यादव के ट्वीट से भी उनकी हिचकिचाहट को समझा जा सकता है, जिसमें उन्होंने कहा है कि सभी को बड़ी कुर्बानी देने के लिए तैयार रहना चाहिए।