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वकील-पुलिस विवाद : गोली चलाने वाले जवानों की गिरफ्तारी फिलहाल नहीं होगी

दिल्ली हाईकोर्ट में पुलिस की याचिका पर सुनवाई हुई, दिल्ली पुलिस कमिश्नर समेत सभी पार्टियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा

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वकील-पुलिस विवाद : गोली चलाने वाले जवानों की गिरफ्तारी फिलहाल नहीं होगी

तीस हजारी कोर्ट में हुए झगड़े का दृश्य (फाइल फोटो).

खास बातें

  1. पुलिस ने कहा जब तक न्यायिक जांच पूरी न हो, गिरफ्तारी न हो
  2. दिल्ली पुलिस की याचिका का बार काउंसिल ने विरोध किया
  3. 23 दिसंबर को मामले की आगे की सुनवाई होगी
नई दिल्ली:

दिल्ली में वकीलों और पुलिस के बीच हुए झगड़े के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की याचिका पर सुनवाई हुई. दिल्ली हाई कोर्ट ने गोली चलाने के आरोपी पुलिस के जवानों को फिलहाल बड़ी राहत दे दी है. फिलहाल उनकी गिरफ्तारी नहीं की जा सकती. साथ ही दिल्ली पुलिस कमिश्नर समेत सभी पार्टियों को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है. 23 दिसंबर को मामले की आगे की सुनवाई होगी.

कोर्ट में दिल्ली पुलिस की तरफ से कहा गया कि हाईकोर्ट के आदेश पर ही मामले की न्यायिक जांच चल रही है. ऐसे में बार एसोसिएशन हड़ताल खत्म करने के लिए ये शर्त न लगाए कि पहले संदिग्ध पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी हो. दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से कहा कि हम यहां कोर्ट से प्रोटेक्शन मांग रहे है कि जब तक कोर्ट द्वारा कराई जा रही न्यायिक जांच पूरी न हो जाए तब तक गोली चलाने के आरोपी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार न किया जाए.

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दिल्ली पुलिस ने कहा कि पुलिस और वकील एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. लिहाजा कोर्ट ने आदेश दिया कि न्यायिक जांच हो. इसके बावजूद वकील हड़ताल पर हैं कि गोली चलाने वाले जवान को गिरफ्तार किया जाए. अब तो केवल कुछ ही सप्ताह बचे हैं, ज्यूडिशियल इन्क्वायरी को पूरा होने में. हड़ताल किसी के इंटरेस्ट में नहीं है.

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दिल्ली पुलिस की याचिका का बार काउंसिल ने विरोध किया. दिल्ली हाई कोर्ट बार की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि पुलिस की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि पिछले आदेश में कोर्ट ने वकीलों को प्रोटेक्शन दिया. आदेश में हाई कोर्ट ने ये भी कहा कि पुलिस की जांच और न्यायिक जांच अलग-अलग हैं. पुलिस तो अपनी जांच में कुछ कर ही नहीं रही. पुलिस अपने बेनिफिट में हर चीज कर रही है. एफआईआर अभी तक ऑनलाइन नहीं है. दो नवंबर की घटना के तुरंत बाद वकीलों के खिलाफ ही दो एफआईआर दर्ज की गईं, लेकिन आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ नहीं.

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