अगले कुछ दिनों में कोरोना के मामले बढ़ते रहे तो फिर लॉकडाउन लगाना पड़ेगा : उद्धव ठाकरे

महाराष्ट्र में कोरोनावायरस (Coronavirus Cases in Maharashtra) के बढ़ते मामलों पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा कि अगले कुछ दिनों तक केस बढ़ते रहे तो लॉकडाउन लगाना होगा.

खास बातें

  • महाराष्ट्र में फिर बढ़ रहे कोरोना केस
  • मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का जनता से संवाद
  • बोले- केस कम नहीं हुए तो फिर से लॉकडाउन
मुंबई:

महाराष्ट्र में कोरोनावायरस (Coronavirus Cases in Maharashtra) के मामले एक बार फिर तेजी से बढ़ रहे हैं. राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने आज (शुक्रवार) कहा, 'बहुत दिनों से आपसे बात करने का प्रयत्न कर रहा था लेकिन आजकल आप घर पर कहां रहते हैं. कोरोना को राज्य में आए लगभग एक साल हो चुका है. अगले 10 दिन में पहला मामला राज्य में पाया गया था. उस समय हालात काफी गंभीर थे. आपसे लगातार जानकारी लेकर बात कर रहा था. मैं बार-बार आपको यही कह रहा हूं कि हम सभी एक परिवार का हिस्सा हैं. उस समय हालात इतने खराब थे कि धीरे-धीरे मामले बढ़ने लगे थे. शुरुआत में पता भी नहीं था कि करना क्या है लेकिन अब वैक्सीन देने का काम शुरू है. लगभग 9 लाख कोविड योद्धाओं को यह दिया जा रहा है. अगर अगले कुछ दिनों तक कोरोना के मामले ऐसे ही बढ़ते रहे तो सख्ती बढ़ाई जाएगी. लॉकडाउन भी लगाया जाएगा.'

CM उद्धव ठाकरे ने कहा, 'पहले कोविड वैक्सीन को लेकर सवाल उठ रहे थे लेकिन 9 लाख लोगों को वैक्सीन देने के बाद कोई बड़े पैमाने में साइड इफेक्ट नहीं मिले, इसलिए जो बाकी कोविड योद्धा हैं, उन्हें हम वैक्सीनेशन लेने की अपील कर रहे हैं. अब लोग पूछ रहे हैं हमें कब मिलेगा, यह ऊपर वाले के ऊपर है. केंद्र सरकार तय करती है कि वैक्सीन किसे देना है. आने वाले दो महीनों में और भी कंपनी हमें वैक्सीन देने को तैयार हो जाएंगे, जिसके बाद जनता को भी वैक्सीन दिया जाएगा लेकिन जब तक वैक्सीन नहीं आती है तब तक नियमों का पालन करना जरूरी है. शिवाजी जयंती ओर शिवनेरी जाने का सौभाग्य मिला. बतौर मुख्यमंत्री जाने का मौका मिला एक भाग्य है. पिछले साल के तुलना में शिवनेरी पर भीड़ कम थी, लेकिन उत्साह उतना ही था.'

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मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'शिवाजी महाराज ने शत्रु से लड़ने की जिद्द हमें दी है, वो प्रेरणा उन्होंने हमें दी है. उस समय ढाल और तलवार से हम लड़ते थे, अब हम कोरोना के खिलाफ लड़ रहे हैं. इसे वॉर अगेंस्ट वायरस कहता हूं. अब तक तलवार यानी वैक्सीन आई नहीं है, लेकिन ढाल हमारे पास है. ढाल यानी मास्क, उसका इस्तेमाल कर हम इससे लड़ सकते हैं. पहले न ही बेड मिल रहे थे, न ही वेंटिलेटर, एम्बुलेंस मिल रहे थे लेकिन इसके बावजूद डॉक्टर और कोविड योद्धाओं ने डटकर इसका सामना किया. बहुत बुरा समय था वो, जब न ही ऑक्सीजन मिल रही थी, न बेड था, टेस्टिंग लैब भी नहीं थे. पहले 2 टेस्टिंग लैब थे, अब 500 हैं. बेड को भी 4 लाख तक लेकर गए लेकिन अब और तब में फर्क है. हमने कई कदम उठाए हैं लेकिन अब एक बार फिर से मामले बढ़ रहे हैं. फिलहाल यहां कोरोना की दूसरी लहर आई है या नहीं, यह समझने में 8 से 15 दिन लगेंगे.'

उद्धव ठाकरे ने कहा, 'अब हम बाहर निकलने लगे हैं. होटल, शादी, मंदिर के लिए सब कुछ शुरू किया गया. लोकल शुरू किया गया लेकिन आप सभी से उम्मीद पहले भी थी और अभी भी है कि कोरोना से लड़ने के लिए आप सारे नियमों का पालन करें. धीरे-धीरे हमें लगने लगा कि कोरोना चला गया. लोग कहते हैं कि तुम पागल हो क्या कि मास्क पहन रहे हो. जब कोरोना कम होता है, हमें तब भी उसे रोकना चाहिए. यह कम ज्यादा होता रहता है. विदेश में भी कई जगहों पर लॉकडाउन को दोबारा लगाया है. ब्रिटेन में दिसंबर में लॉकडाउन का ऐलान किया गया, जिसे आगे कैसे लेकर जाया जाए, इस पर चर्चा जारी है. 100 साल पहले स्पेनिश फ्लू आया था, तब भी हालात ऐसे ही थे. तब भी मास्क पहनना, हाथ धोना ही इसका इलाज था लेकिन तब पहले लोग इतना एक देश से दूसरे देश नहीं जाते थे. अब हम दूसरे देश से आने वालों को 7 दिन इसोलेशन में रखते हैं, बाद में होम क्वारंटाइन करते हैं. अब एक बार फिर से हमें कुछ बंधन में रहना पड़ेगा.'

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उन्होंने कहा, 'राज्य में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं. हमारे मंत्री नितिन राउत ने अपने बेटे के शादी के कार्यक्रम को बढ़ते मामलों को देखते हुए रद्द किया. यह बड़ी बात है और उम्मीद करता हूं इससे लोग प्रेरणा लेंगे. शादी बड़े पैमाने में होने लगी हैं. थिएटर शुरू हैं लेकिन वो नियमों का पालन कर रहे हैं. अब अगर कहीं भी नियमों का पालन लोग नहीं करेंगे तो उनपर कार्रवाई शुरू की गई है. अगर कोई व्यापारी भी ऐसा करता है तो भी कार्रवाई की जा रही है. पहले हमने मेरा परिवार मेरी जिम्मेदारी नामक एक कार्यक्रम की शुरुआत की थी लेकिन अब लोगों के लिए सब कुछ शुरू किया और एक बार फिर मामले बढ़ने लगे. आज भी एक दिन में करीब 7 हजार मामले मिले हैं. लोगों को 15 दिन पहले लग रहा था कि कोरोना चला गया और उन्होंने नियमों का पालन बंद किया. जिसके बाद वापस मामले बढ़ने लगे.'

CM ने आगे कहा, 'कोरोना को थामने के लिए कई लोगों ने मेहनत की. परिवार की परवाह नहीं करते हुए काम किया उन्होंने. कई लोग इसमें शहीद हुए हैं, हां उन्हें शहीद कहेंगे लेकिन अब उनकी मेहनत पर पानी नहीं फेरना चाहिए. केवल कोविड योद्धाओं का सत्कार करना काफी नहीं है, यह देखना है कि कोविड योद्धाओं को बढ़ाना न पड़े, आप कोविड योद्धा नहीं बन सकते तो कम से कम कोविड के मामलों को बढ़ाने वाले न बनें. आंकड़े बढ़ रहे हैं. बीच में केवल दो से ढाई हजार मामले आ रहे थे लेकिन अब मामले 7 हजार के करीब आ गए हैं. अमरावती में मामले बढ़ रहे हैं. आज लगभग 1000 मामले आए हैं. यह पहले पीक में जितने मामले आ रहे थे, उतने अभी आ रहे हैं. यह काफी गलत है. आज हमने अस्पताल और बेड बढ़ाए हैं लेकिन पहले जितने मामले पीक में आ रहे थे, उतने अभी शुरुआत में आ रहे हैं, तो सोचिए कि इसके पीक में कितने मामले आएंगे.'

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मुख्यमंत्री ने कहा, 'पहले 40 हजार तक एक्टिव मामले थे, वो अब 53 हजार चले गए. पहले दो से ढाई हजार मरीज मिल रहे थे, वो अब 7 हजार के करीब हैं. मुंबई में एक हफ्ते में मामले दोगुना हो गए हैं. दूसरा वेव दरवाजे पर है लेकिन वो अंदर आ चुका है क्या, यह 8 से 15 दिन में पता चलेगा लेकिन इसलिए अब बंधन बढ़ाना होगा. अमरावती, अकोला समेत दूसरी जगह के अधिकारियों को हमने कहा है कि आप एक दिन का समय दीजिए और बाद में आप अपने अनुसार बंदी लाइए, जहां लॉकडाउन की जरूरत है, उसे लागू किया जाए. विकास का काम शुरू है. मैंने कई परियोजनाओं की शुरुआत की है, कार्यक्रम किए हैं लेकिन अब धीरे-धीरे इसे कम किया जा रहा है. कल भी मैंने अपने एक कार्यक्रम में केवल जरूरी लोगों को बुलाने के अलावा किसी को नहीं आने कहा है. कल के कार्यक्रम के बाद अब मैंने राजनैतिक, धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों को कुछ दिन के लिए बंद करने के आदेश दिए हैं. जरूर आप अपनी पार्टियों को आगे बढ़ाइए लेकिन कोरोना को मत बढ़ाइए. मैंने अधिकारियों को जूम कॉल से काम करने की शुरुआत करने कहा है.'


उन्होंने आगे कहा, 'हमने टेस्टिंग बढ़ाई है लेकिन किसी एक यंत्र पर हम पूरी तरह जिम्मेदारी नहीं डाल सकते. जैसे पहले हमने मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी कार्यक्रम को शुरू किया था, अब हमें एक नए कार्यक्रम को शामिल करना चाहिए, वो है 'मैं जिम्मेदार' यानी मैं अपने स्वयं के किए का जिम्मेदार हूं. कल भी पीएम के साथ हुई बैठक में मैंने ऑफिस के काम करने के घंटों (वर्क ऑवर) के मुद्दे को उठाया. दफ्तरों को वर्क फ्रॉम होम करने कहा गया है. एक गुट को वर्क फ्रॉम होम करने दिया जाना चाहिए, ताकि भीड़ कम हो. मैं एक बार दोबारा पूछता हूं कि क्या लॉकडाउन होना चाहिए. अगर आप चाहते हैं कि यह नहीं हो तो आप मास्क पहने, सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें. अगर आपको लॉकडाउन चाहिए तो ऐसे ही रहिए. आने वाले कुछ दिनों में मुझे इसका उत्तर मिल जाएगा. देखते हैं कि आने वाले कुछ दिन में आप क्या जवाब देते हैं.
मास्क पहनिए, लॉकडाउन टालिए.'

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