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लोकसभा में 17 दिन से गतिरोध बरकरार, नहीं लिया जा सका अविश्वास प्रस्ताव

बजट सत्र के दूसरे चरण में लगातार बाधित हो रही लोकसभा की कार्यवाही

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लोकसभा में 17 दिन से गतिरोध बरकरार, नहीं लिया जा सका अविश्वास प्रस्ताव

संसद की फाइल फोटो

खास बातें

  1. अन्नाद्रमुक ने कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर हंगामा किया
  2. सुमित्रा महाजन ने हंगामे के बीच आवश्यक कागजात सदन में रखवाये
  3. अनंत कुमार ने कामकाज बाधित होने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया
नई दिल्ली: बजट सत्र के दूसरे चरण में लगातार बाधित हो रही लोकसभा की कार्यवाही बुधवार को भी नहीं चल सकी और सदन में अव्यवस्था का हवाला देते हुए लोकसभाध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कई विपक्षी दलों के अविश्वास प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में असमर्थता प्रकट की तथा सदन की बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया. एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे सदन की बैठक पुन: शुरू होने पर अन्नाद्रमुक के सदस्य कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर आसन के पास आकर नारेबाजी करने लगे. 

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अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने हंगामे के बीच आवश्यक कागजात सदन में रखवाये। इस बीच संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने सदन में कामकाज बाधित होने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया, ‘‘पहले दिन से सदन में कांग्रेस ने कामकाज रोका है. मंगलवार को भी अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में कांग्रेस के सदस्य नंबर वाले प्लेकार्ड लेकर आए जो सदन की व्यवस्था के खिलाफ है.’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार कामकाज बाधित कर रही है जिसकी हम निंदा करते हैं. जब भी सदन में व्यवस्था बनती है तो हम अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार हैं. कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा कि हम चर्चा के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में कम से कम 50 लोग होने चाहिए और हम 80 से ज्यादा लोग खड़े हैं. इस दौरान कांग्रेस के साथ ही रांकापा, माकपा और अन्य वामपंथी दलों के सदस्य भी खड़े थे. 

उधर तेलुगू देशम पार्टी के सदस्य भी अपने स्थानों पर खड़े थे जो गत 16 मार्च से सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास कर रहे हैं. गौरतलब है कि अध्यक्ष सुमित्रा महाजन पिछले करीब एक सप्ताह से सदन में अव्यवस्था नहीं होने और अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में कम से कम 50 सदस्यों को उनके निर्दिष्ट स्थानों पर नहीं गिन पाने की वजह से प्रस्ताव पर कार्यवाही को आगे बढ़ाने में असमर्थता प्रकट कर रही हैं. उन्होंने बुधवार को भी सदन में अव्यवस्था का हवाला देते हुए तेदेपा के टी नरसिंहन, वाईएसआर कांग्रेस के वाई बी सुब्बारेड्डी, कांग्रेस के खड़गे, माकपा के मोहम्मद सलीम, आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन, एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी और तेदेपा के जयदेव गल्ला आदि के द्वारा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर आगे कार्यवाही करने में असमर्थता प्रकट की. 

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हंगामा थमता नहीं देख उन्होंने सदन की बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया. अब सदन की अगली बैठक दो अप्रैल, सोमवार को होगी. गुरूवार और शुक्रवार को महावीर जयंती तथा गुड फ्राइडे के उपलक्ष्य में सदन में अवकाश रहेगा. इससे पहले सुबह 11 बजे भी अन्नाद्रमुक सदस्यों की नारेबाजी के कारण बैठक शुरू होते ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी थी.


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