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असदुद्दीन ओवैसी को सेना का जवाब, हम शहीदों को धर्म से नहीं जोड़ते

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने जम्मू-कश्मीर के सुंजवान में आतंकी हमले में बलिदान देने वाले सेना के पांच जवानों का जिक्र किया और उन लोगों पर निशाना साधा, जो मुसलमानों की देशभक्ति पर सवाल खड़े करते हैं.

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असदुद्दीन ओवैसी को सेना का जवाब, हम शहीदों को धर्म से नहीं जोड़ते

उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अनबू ने कहा, हम शहीदों को धर्म से नहीं जोड़ते

खास बातें

  1. पांच कश्‍मीरी मुसलमानों ने बलिदान दिया: ओवैसी
  2. आतंकवाद के लिए सोशल मीडिया भी जिम्मेदार है: देवराज अनबू
  3. युवा आतंकी संगठन में शामिल हो रहे हैं यह चिंता का विषय है: अनबू
हैदराबाद/नई दिल्‍ली: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने जम्मू-कश्मीर के सुंजवान में आतंकी हमले में बलिदान देने वाले सेना के पांच जवानों का जिक्र किया और उन लोगों पर निशाना साधा, जो मुसलमानों की देशभक्ति पर सवाल खड़े करते हैं. इस पर सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अनबू ने ओवैसी का बिना नाम लिए कहा कि हम अपने शहीदों को धर्म से नहीं जोड़ते. उन्‍होंने कहा कि जो लोग सेना की कार्यशैली नहीं जानते, वह लोग इस तरह का बयान देते हैं. 

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पांच कश्‍मीरी मुसलमानों ने बलिदान दिया: ओवैसी 
ओवैसी ने कहा कि सुंजवान की घटना में पांच कश्मीरी मुसलमानों ने अपना बलिदान दिया है. आप इस बारे में बात क्यों नहीं कर रहे हैं?’’ हैदराबाद से लोकसभा सदस्य ओवैसी ने आतंकी हमलों से ‘सबक नहीं सीखने’ को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना भी की. ओवैसी ने कहा, ‘‘रात नौ बजे प्राइम टाइम बहस में शामिल होने वाले तथाकथित राष्ट्रवादी लोग मुसलमानों और कश्मीरी मुसलमानों के राष्ट्रवाद पर सवाल करते हैं.’’

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आतंकवाद के लिए सोशल मीडिया जिम्‍मेदार
उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अनबू ने कहा कि आतंकवाद के लिए सोशल मीडिया भी जिम्मेदार है क्‍योंकि बड़े पैमाने में युवा इसमें फंस रहे हैं. हमें इस पर ध्‍यान देना होगा. उन्‍होंने कहा कि तीनों आतंकी संगठन हिजबुल, जैश और लश्‍कर में कोई अंतर नहीं है. वह एक-दूसरे संगठन में आते जाते रहते हैं. उन्‍होंने कहा कि अगर कोई भी देख के खिलाफ हथियार उठाएगा तो वह एक आतंकवादी है और सेना उससे बखूबी निपटेगी. 

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उन्‍होंने कहा कि हमारा दुश्‍मन निराश है इसलिए वह आसान निशाना बना रहा है. जब वह सीमा पर विफल होते हैं तो सेना के कैंप को निशाना बनाते हैं. युवा आतंकी संगठन में शामिल हो रहे हैं यह चिंता का विषय है और हमें इस पर ध्‍यान देने की जरूरत है. 2017 में हमें इनके नेतृत्‍व पर ध्‍यान केंद्रित किया था और उन्‍हें खत्‍म किया था. 

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