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मध्य प्रदेश : ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के सवाल पर सीएम कमलनाथ ने कहा, क्यों नहीं?

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मतभेदों की खबरों को टलते हुए करते हुए कहा कि ऐसा सभी पार्टियों में होता है.

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मध्य प्रदेश : ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के सवाल पर सीएम कमलनाथ ने कहा, क्यों नहीं?

खास बातें

  1. पार्टी में मतभेद की खबरों की टालने की कोशिश की कमलनाथ ने
  2. कहा- ऐसा सभी पार्टियों में होता है
  3. 'दोनोें जिम्मेदारियों से भार है'
नई दिल्ली:

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मतभेदों की खबरों को टालते हुए कहा कि ऐसा सभी पार्टियों में होता है. मध्य प्रदेश में जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया जहां एक समय खुद को सीएम पद के दावेदार के रूप में देख रहे थे अब वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनना चाहते हैं, इस पर सीएम कमलनाथ ने कहा कि यह कोई मुद्दा ही नहीं है. आपको बता दें कि कमलनाथ इस समय मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दोनों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. एनडीटीवी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह इन दोनों जिम्मेदारियों की वजह से काफी भार महसूस करते हैं कि और वह इस विचार के साथ हैं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया पार्टी की कमान संभालें. 

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वही जब उनसे महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा में कांग्रेस इकाइयों में हो रहे झगड़े पर सवाल पूछा गया तो उनका कहना था कि यह सभी पार्टियों में होता है. जब उनसे ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके बीच के संबंधों के बारे में पूछा गया साथ ही यह सवाल भी किया क्या सिंधिया एक अच्छे संबंध साबित होंगे तो कमलनाथ ने जवाब दिया, 'वह (सिंधिया) के पास अनुभव है, उनके पास टीम है, तो क्यों नहीं? वास्तव में मैं तो कहता हूं कि कोई भी लेकिन इसको जल्दी किया जाए'.

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गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया जो कि विधानसभा चुनाव के समय से ही किसी वजनदार पद को पाने का इंतजार कर रहे हैं. मुख्यमंत्री या उप मुख्यमंत्री पद पाने में नाकाम होने के बाद अब वह कम से कम प्रदेश पार्टी अध्यक्ष बनने की इच्छा जता रहे हैं. लेकिन कमलनाथ ने भी इस पद पर रहते हुए टुकड़ों में बंटी कांग्रेस को इक्ट्ठा कर विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कराई. इसके बाद उन्हीं को दोनों जिम्मेदारी दे दी गई. पार्टी आलाकमान के रुख से नाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के केंद्र सरकार का खुले तौर पर समर्थन किया. इसके बाद कांग्रेस में जारी झगड़ा सार्वजनिक हो गया था. 

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