महाराष्ट्र सरकार किसानों का पूरा कर्ज माफ करेगी, 80 फीसदी नौकरियां स्थानीय लोगों को

झुग्गी पुनर्वास कार्यक्रम के तहत मौजूदा 300 वर्ग फुट के घर देने के बजाए अब 500 वर्गफुट कारपेट क्षेत्र वाले घर मुफ्त दिए जाएंगे

महाराष्ट्र सरकार किसानों का पूरा कर्ज माफ करेगी, 80 फीसदी नौकरियां स्थानीय लोगों को

एनसीपी के नेता जयंत पाटिल (फाइल फोटो).

मुंबई:

शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन ने गुरुवार को कहा कि राज्य में महाराष्ट्र विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार किसानों का कर्ज माफ करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि नौकरियों में 80 फीसदी आरक्षण युवाओं और स्थानीय निवासियों के लिए हो.राकांपा नेता जयंत पाटिल और नवाब मलिक, शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने यहां उद्ध‍व ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार के शपथ ग्रहण से पहले एक मीडिया कार्यक्रम में न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) की घोषणा की. उन्होंने कहा कि सीएमपी के तहत राज्य में किसानों की पूर्ण कर्ज माफी के साथ ही पूरे राज्य में एक रुपये के क्लीनिक खोले जाएंगे जो शुरुआती स्वास्थ्य देखभाल के केंद्र बनेंगे.

विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान शिवसेना ने 10 रुपये में भरपेट खाने का वादा किया था जिसकी खूब चर्चा भी हुई थी. इसे भी न्यूनतम साझा कार्यक्रम में जगह दी गई है. सीएमपी के मुताबिक स्थानीय/मूल निवासी युवाओं को 80 फीसदी नौकरियों की पेशकश के लिये कानून बनाने का भी फैसला किया गया है. कार्यक्रम में यह भी कहा गया है कि प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को तत्काल भरा जाएगा.

सीएमपी में झुग्गी में रहने वाले लोगों को झुग्गी पुनर्वास कार्यक्रम के तहत मौजूदा 300 वर्ग फुट के घर देने के बजाए अब 500 वर्गफुट कारपेट क्षेत्र वाले घर मुफ्त दिये जाएंगे. जयंत पाटिल ने कहा कि मुंबई में पूर्ववर्ती भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा शुरू की गई कुछ मेट्रो परियोजनाएं समय से पीछे चल रही हैं. पाटिल ने कहा, “हम उन परियोजनाओं को पूरा करने की प्रक्रिया को तेज करने की कोशिश करेंगे.”

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सीएमपी में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना की तर्ज पर शहरी इलाकों के लिये योजना लाने के वादे के बारे में पूछे जाने पर पाटिल ने कहा, “निगम के दायरे में आने वाले कुछ इलाकों में सड़कों की हालत खराब है और निगम के पास नई सड़कें बनाने के लिए धन नहीं है. नयी सड़कों के निर्माण पर हमारी सरकार स्थानीय निकायों के समन्वय में काम करेगी.”

सीएमपी में फसल बीमा के पुनरीक्षण, किसानों को उपज का सही मूल्य दिलाने और सूखा प्रभावित इलाकों में सतत जलापूर्ति के लिये आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिये उचित उपाय सुनिश्चित किए जाएंगे.



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)