जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में हुई मुठभेड़ में शहीद मेजर अनुज सूद का हुआ अंतिम संस्कार

जम्मू-कश्मीर के हंदवारा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए मेजर अनुज सूद के पार्थिव शरीर को उनके पंचकुला स्थित आवास से अंतिम संस्कार के लिए जाया गया. उनके शहीद की अंतिम विदाई के लिए सेना के जवान भी मौजूद थे और पूरे सैनिक सम्मान के साथ मेजर अनुज सूद के अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं.

जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में हुई मुठभेड़ में शहीद मेजर अनुज सूद का हुआ अंतिम संस्कार

मेजर सूद के पिता ने कहा कि बेटे की शहादत पर गर्व है

खास बातें

  • मेजर अनुज सूद का अंतिम संस्कार
  • सैनिक सम्मान के साथ पूरी हुईं रस्मे
  • हंदवारा में शहीद हुए थे मेजर सूद
नई दिल्ली:

जम्मू कश्मीर में आतंकवाद रोधी अभियान में शहीद हुए मेजर अनुज सूद का मंगलवार को चंडीगढ़ में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया.  सूद, जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में शनिवार रात आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद होने वाले पांच सुरक्षा कर्मियों में शामिल थे.  सूद का पार्थिव शरीर सोमवार दोपहर श्रीनगर से यहां लाया गया था.  "वंदे मातरम", "भारत माता" की जय" और "मेजर अनुज अमर रहे" के नारों के बीच उनके तिरंगे से लिपटे पार्थिव शरीर को यहां मनी माजरा में स्थित शमशान घाट ले जाया गया. पंचकूला में स्थित उनके घर से उनकी पार्थिव देह को सेना की गाड़ी में यहां लाया गया था. 

अंतिम संस्कार से पहले, शहीद मेजर के पार्थिव शरीर पर सेना के सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों ने पुष्पांजलि अर्पित की.  सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी और मेजर सूद की पत्नी, पिता, बहन समेत परिवार के सदस्य दाह संस्कार के दौरान मौजूद थे. उनकी बहन हर्षिता भी सेना में अधिकारी हैं. 

शहीद अधिकारी को बंदूकों से सलामी दी गई और उनके पिता ने मुखाग्नि दी। मेजर सूद के पिता ब्रिगेडियर चंद्रकांत सूद (सेवानिवृत्त) ने पहले मीडिया से कहा था कि वह अपने बेटे की मौत की खबर सुनकर स्तब्ध रह गए लेकिन साथ ही उन्हें सूद के सर्वोच्च बलिदान पर गर्व है जो उन्होंने अपनी मातृभूमि के लिए दिया है. उन्होंने पंचकूला में अपने घर पर कहा था " वह राष्ट्र का सच्चा बेटा था. "

उधर जयपुर में भी इसी मुठभेड़ में शहीद हुए कर्नल आशुतोष शर्मा का मंगलवार को यहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया.  कर्नल शर्मा की पत्नी पल्लवी व उनके भाई ने चिता को मुखाग्नि दी. पुरानी चुंगी श्मशान घाट में इस अवसर पर शहीद के परिजनों के साथ साथ सैन्य अधिकारी मौजूद थे.  शहीद की पत्नी पल्लवी ने हौसला बनाए रखा और पूरे समय वहां मौजूद रहकर सभी रस्म क्रियाओं में भाग लिया. 

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इससे पहले शहीद कर्नल शर्मा के पार्थिव शरीर को यहां जयपुर मिलिट्री स्टेशन के 61वें केवलरी ग्राउंड में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व दक्षिण पश्चिमी कमान के कमांडर आलोक कलेर, अन्य अधिकारियों व परिवार के सदस्यों ने शहीद को पुष्पांजलि अर्पित की. 

गहलोत व कलेर ने वहां मौजूद कर्नल शर्मा की पत्नी पल्लवी व अन्य परिवारजनों को ढांढस भी बंधाया। गहलोत ने शहीद की पत्नी वीरांगना पल्लवी, उनकी पुत्री व भाई से मिलकर उन्हें सांत्वना दी. 

मुख्यमंत्री ने कर्नल आशुतोष की शहादत को नमन करते हुए कहा कि राजस्थान वीरों की धरती है. उन्होंने कहा कि कर्नल आशुतोष ने आंतकवादियों से मुकाबला करते हुए शहीद होकर देश को गौरवान्वित किया है. हम सभी को उनकी शहादत पर नाज है. 

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लेफ्टिनेंट जनरल कलेर ने कहा कि कर्नल आशुतोष देश के लिए व अपनी सेना के सम्मान के लिए आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहे हरेक सैनिक का प्रतिनिधित्व करते हैं.  इस अवसर पर राज्य के सैनिक कल्याण मंत्री प्रताप सिंह, सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़, जयपुर के जिला कलेक्टर जोगाराम व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पुष्पांजलि अर्पित की.

21वीं राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग अफसर कर्नल शर्मा उत्तरी कश्मीर में हंदवाड़ा क्षेत्र के एक गांव में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए पांच सुरक्षा कर्मियों में से एक थे. 



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)