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मकर संक्राति के साथ बिहार की राजनीति में नई सुगबुगाहट

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मकर संक्राति के साथ बिहार की राजनीति में नई सुगबुगाहट

फाइल फोटो

मकर सक्रांति के मौके पर बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ा। जहां आज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान के घर पहुंचे, वहीं पटना में मानो आज का दिन भूले बिसरों का दिन रहा। सबसे पहले मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, राष्ट्रीय जनता दाल अध्यक्ष लालू यादव के घर पहुंचे। उसके बाद जनता दाल यूनाइटेड के बिहार अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह द्वारा पटना क्लब में आयोजित दही-चूड़ा कार्यक्रम में न केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव, जीतन राम मांझी बल्कि लालू यादव भी पहुंचे। वहां पहले से बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चौधरी, विधायक दाल के नेता सदानंद सिंह, राष्ट्रीय जनता दाल के कई वरिष्ठ नेता जिसमें सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में दोनों पार्टियां के कार्यकर्ता शामिल हुए।

बिहार की राजनीति में यह नजारा करीब दो दशक बाद देखने को मिला। जब दोनों पार्टियों के अलावा कांग्रेस के नेता भी खुल कर एक साथ पटना कार्यक्रम में पहुंचे। ‌हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तबियत खराब होने के कारण किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। लेकिन, आज हुए एक दूसरे के कार्यक्रम में भाग लेकर दोनों पार्टियां के नेता ने संकेत दे दिया है कि विलय के बारे में वे गंभीर हैं और आने वाले दिनों में इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा।

दोनों पार्टियों के विलय के बारे में पूछे जाने पर न तो शरद यादव ने कुछ खास कहा और न ही लालू यादव ही कुछ बोले। लेकिन, जीतन राम मांझी ने कहा कि दोनों पार्टी के नेता इस कोशिश में लगे हुए हैं और विलय होगा। वैसे, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने 15 जनवरी को अपने घर पर दिन के समय एक भोज का आयोजन किया है और सबको आमंत्रित किया हैं।


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