प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, इन मुद्दों पर हुई बात

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से उनके आवास पर मुलाकात की. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, इन मुद्दों पर हुई बात

ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की.

खास बातें

  • पीएम मोदी से मिलीं ममता बनर्जी
  • ममता ने कहा- अच्छी रही मुलाकात
  • बंगाल के नाम को लेकर भी हुई बात
नई दिल्ली:

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से उनके आवास पर मुलाकात की. ममता बनर्जी ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद बताया कि मुलाकात अच्छी रही. पश्चिम बंगाल का नाम बदलने को लेकर भी बात हुई थी. ममता बनर्जी ने बताया कि कोल ब्लॉक के मुद्दे पर भी बात हई है.  ममता बनर्जी ने कहा कि एनआरसी को लेकर पीएम से कोई बात नहीं की है. ये असम को लेकर है. हम बंगाल में इसे लागू नहीं करेंगे, लोकतंत्र में भरोसा करना पड़ता है. सारदा पर पूछे गए सवालों का बिना जवाब दिए ही ममता बनर्जी चली गईं. उन्होंने कहा कि इस तरह के अनर्गल सवाल ना पूछे.

इससे पहले मंगलवार रात को ममता बनर्जी की मुलाकात पीएम मोदी की पत्नी जशोदाबेन से भी हुई थी. कोलकाता हवाईअड्डे से नई दिल्ली के लिए विमान में सवार होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी को देख उनसे मिलने के लिए ममता बनर्जी दौड़ पड़ीं थीं और दोनों के बीच सुखद बातचीत हुई. मुख्यमंत्री के एक करीबी सूत्र ने बताया कि पड़ोसी झारखंड के धनबाद की दो दिन की यात्रा के बाद जशोदाबेन वहां से लौट रही थीं. सूत्र ने बताया, ‘यह अचानक हुई मुलाकात थी और उनके बीच अभिवादन का आदान-प्रदान हुआ. मुख्यमंत्री ने उन्हें एक साड़ी उपहार में दी.'

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जब PM मोदी की पत्नी जशोदाबेन को देख प्रधानमंत्री से मिलने दिल्ली आ रहीं ममता बनर्जी दौड़ पड़ीं

बता दें कि केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल का नाम बांग्ला करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था. केंद्र ने कहा था कि इस कदम के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता है. इसके बाद बनर्जी ने जुलाई में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मुद्दे को उठाया था और उनसे मामले में शीघ्रता बरतने की अपील की थी. पत्र में कहा गया था, 'मैं आपसे से फिर से अनुरोध करती हूं कि राज्य का नाम अंग्रेजी, हिन्दी और बंगाली में ‘बांग्ला' करने के पश्चिम बंगाल के लोगों की इच्छाओं को स्वीकार कर लें.'