NDTV Khabar

पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जाएंगी ममता बनर्जी, कहा- एक घंटे पहले तक जाने का प्लान था लेकिन अब....

ममता बनर्जी के अलावा केरल के सीएम पिनराई विजयन ने भी पीएम के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने से साफ मना कर दिया है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां

खास बातें

  1. पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जाएंगी ममता बनर्जी
  2. ममता ने कहा- केरल हिंसा में 54 लोगों के मारे जाने की बात झूठी
  3. केरल के सीएम पिनराई विजयन भी शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जाएंगे
नई दिल्ली:

पीएम मोदी के 30 मई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए तैयारियां जोरो से चल रही हैं. देश विदेश के मेहमानों को न्योता भेजा गया है. भारत में जिन नेताओं को पीएम का धुर विरोधी माना जाता है, उन्होंने भी समारोह में आने के लिए हामी भर दी है. इन नेताओं में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) मुख्य हैं. लेकिन पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) इस समारोह में शामिल नहीं होंगी. पहले चर्चा थी कि वह इस समारोह में जाएंगी लेकिन हालही में उन्होंने कहा, 'एक घंटे पहले तक मेरा प्लान था कि समारोह में जाऊंगी लेकिन मैं मीडिया रिपोर्ट देख रही हूं जिसमें बीजेपी दावा कर रही है कि बंगाल में हुई राजनीतिक हिंसा में 54 लोग मारे गए. यह झूठ है. मैं मजबूर हूं लेकिन मैं समारोह में शामिल नहीं हो पाऊंगी.'

ये भी पढ़ें: बंगाल में मारे गए अपने 54 कार्यकर्ताओं के परिवारवालों को PM मोदी के शपथग्रहण में बुलाएगी BJP, तैयार की पूरी लिस्ट


वहीं केरल के मुख्यमंत्री ऑफिस ने जानकारी दी है कि सीएम पिनराई विजयन भी पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे. जहां एक तरफ विरोधी खेमे के कई बड़े नेता इस समारोह में जा रहे हैं तो ऐसे में विजयन का ना जाना कई सवाल खड़े करता है. पिनराई विजयन मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता हैं और वर्तमान में केरल के सीएम हैं. हालही में हुए लोकसभा चुनावों में केरल में बीजेपी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था. वहां बीजेपी को एक भी सीट नहीं मिली थी.केरल की 20 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस को 15, IUML को  2, CPM को  1, RSP को  1 और केरल कांग्रेस (एम) को 1 सीट मिली. 

बता दें कि भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के शपथ ग्रहण समारोह में पश्चिम बंगाल से खास मेहमानों को बुलाने जा रही है. बंगाल में पिछले कुछ वर्षों में जिन 54 भाजपा (BJP) कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है, उनके परिवारवालों को शामिल होने के लिए न्योता भेजा जा रहा है. इन्हें दिल्ली में ही ठहराया जाएगा. भाजपा का आरोप है कि इन कार्यकर्ताओं को राजनीतिक हिंसा का शिकार बनाया गया. भाजपा ने इन सभी कार्यकर्ताओं की सूची तैयार कर ली है. पार्टी ने हर कार्यकर्ता के नाम के साथ बताया है कि उनकी हत्या कहां और कैसे हुई?

ये भी पढ़ें: दो TMC विधायकों के BJP में शामिल होने के तुरंत बाद ममता सरकार ने किया कैबिनेट में फेरबदल, इनको मिली बड़ी जिम्मेदारी

वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के लिये गुरुवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में सभी प्रदेशों के राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों और प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है. जिन विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया गया है उसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी,जद (एस) नेता और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी और आप प्रमुख तथा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शामिल हैं. सूत्रों ने कहा कि सभी मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों, पूर्व प्रधानमंत्रियों और पूर्व राष्ट्रपतियों को कार्यक्रम के लिये न्योता भेजा गया है.

साथ ही बताया कि समारोह के लिये सभी बड़े राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों को न्योता भेजा जा रहा है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गुरुवार को शाम सात बजे राष्ट्रपति भवन में मोदी और उनकी मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे. लोकसभा चुनाव में एक-दूसरे पर तीखे हमले के बाद विपक्षी नेताओं को न्योते को मोदी की ओर से उन तक पहुंचने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

टिप्पणियां

ये भी पढ़ें: किसको मिलेगा रक्षा, वित्त और विदेश मंत्रालय, कौन संभालेगा गृह मंत्रालय,अमित शाह और PM मोदी की 5 घंटे की मीटिंग में मंथन

इसके अलावा बिम्सटेक देशों के सभी नेताओं ने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की पुष्टि कर दी. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ और किर्गीस्तान के राष्ट्रपति एस जीनबेकोव ने भी कार्यक्रम में शिरकत करने को लेकर अपनी सहमति दे दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना और नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लेने की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि म्यामां के राष्ट्रपति यू विन मिंट और भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है कि वे इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. कुमार ने कहा कि थाईलैंड की ओर से विशेष दूत ग्रिसाडा बूनरैक समारोह में अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगे. भारत के अलावा बिम्सटेक में बांग्लादेश, म्यामां, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल और भूटान शामिल हैं.



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement