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बाल सुधार गृह को लेकर सांसदों के रवैये पर भड़कीं मेनका गांधी, कहा- समय पर जागते तो...

उन्होंने शनिवार को कहा कि वह बीते चार वर्षों में सांसदों को अपने क्षेत्र के बालगृहों का निरीक्षण करने के लिए कई बार लिख चुकी हूं, लेकिन कोई भी सांसद एक बार भी बालगृहों में नहीं गया.

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बाल सुधार गृह को लेकर सांसदों के रवैये पर भड़कीं मेनका गांधी, कहा- समय पर जागते तो...

सांसदों पर भड़कीं मेनका गांधी

नई दिल्ली:

बीते दिनों देश के अलग-अलग राज्यों के बालसुधार गृह में लड़कियों के साथ हुई घटनाओं को लेकर अब केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने सांसदों को आड़े-हाथ लिया है. उन्होंने शनिवार को कहा कि वह बीते चार वर्षों में सांसदों को अपने क्षेत्र के बालगृहों का निरीक्षण करने के लिए कई बार लिख चुकी हूं, लेकिन कोई भी सांसद एक बार भी बालगृहों में रहने वाली बच्चियों का हालचाल लेने भी नहीं गया. उन्होंने कहा कि अगर यह समय पर जाग जाते तो हम बच्चियों के साथ होने वाली दरिंदगी को शायद रोक पाते. मेनका गांधी ने एक अंग्रेजी समाचार पत्र की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कहा कि मैं पिछले चार वर्षों से सभी सांसदों को लिखती आ रही हूं कि वे अपने क्षेत्रों के बाल गृहों की निगरानी करें क्योंकि सरकार हमेशा निरीक्षण नहीं कर सकती. इतना ही नहीं इस दौरान मैंने उनको उनके क्षेत्रों के सभी बालगृहों की सूची सौंपी. लेकिन मेरे सभी प्रयास बेकार गए.

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उन्होंने कहा कि कोई एक सांसद भी इन केंद्रों में एक बार भी नहीं गया. अभी भी ज्यादा कुछ नहीं बिगड़ा है मैं अभी भी देश के तमाम सांसदों से आग्रह करती हूं कि वह अपने क्षेत्र के बालसुधार गृह का दौरा करें और वहां जो भी चल रहा है उसकी जानकारी केंद्र सरकार को दें. मेनका गांधी ने कार्यक्रम के दौरान बीते चार साल में उनके मंत्रालय द्वारा किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि बीते चार सालों में हमनें महिलाओं की मदद पर सबसे ज्यादा फोकस किया है. इसके लिए खास तौर पर वन स्टॉप सेंटर खोले गए हैं. आज के समय में हम 600 वन स्टॉप सेंटर बनाने जा रहे हैं. हमने इन सेंटर में 12 लाख महिलाओं की मदद की है.

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उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ उनके मंत्रालय की बड़ी उपलब्धि रही है और इसमें भी पंजाब और हरियाणा ने बहुत बेहतर प्रदर्शन किया है. गौरतलब है कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब मेनका गांधी ने इतनी बेबाकी से किसी घटना पर अपने विचार रखें हों. इससे पहले उन्होंने पश्चिम बंगाल में दो वर्षीय बच्चे के यौन शोषण के मामले का उल्लेख करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा था कि बाल यौन शोषण के दोषियों को कठोरतम सजा दी जाएगी. उन्होंने ट्वीट किया, "मैं पश्चिम बंगाल में दो वर्षीय बच्चे के साथ हुए भीषण शोषण से बुरी तरह परेशान हूं. मैंने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) को मामले में तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है."

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मेनका गांधी ने कहा कि उन्होंने पीड़ित के पिता से बात कर उन्हें मंत्रालय से हर संभव मदद और सहायता का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय ने पहले ही ऐसे जघन्य अपराधों में दोषियों को पॉक्सो के अंतर्गत मृत्यु दंड देने का प्रस्ताव मंत्रिमंडल को भेज दिया है.उन्होंने कहा, "आईपीसी, सीआरपीसी और पॉक्सो में संशोधन होने के बाद बाल यौन शोषण के अपराधियों को कठोरतम सजा मिलेगी."

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यह मामला कोलकाता के डायमंड हार्बर का है. दो जुलाई को दो वर्षीय बच्चा स्कूल से जब घर पहुंचा तो उसके पिता ने देखा कि उसके गुप्तांग से खून निकल रहा है, इसके बाद बुधवार को उन्होंने बाल यौन अपराध अधिनियम 2012 (पॉक्सो) के अंतर्गत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया. एनसीपीसीआर के अनुसार, मामला दर्ज कर लिया गया है और इस मामले को आयोग की प्रदेश इकाई देखेगी.(इनपुट भाषा से)



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