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किस्सा मनीष सिसोदिया के फेसबुक लाइव का, अफसर के खिलाफ चिट्ठी, पढ़ें क्या है मामला

DIP सेक्रेटरी डॉ जयदेव सारंगी ने जवाब दिया कि इसके लिए ग्लोबल टेंडरिंग करवानी पड़ेगी, जिसमें एक महीने का समय लगेगा. 'टॉक टू AK'कार्यक्रम की पहले ही CBI जांच चल रही है.

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किस्सा मनीष सिसोदिया के फेसबुक लाइव का, अफसर के खिलाफ चिट्ठी, पढ़ें क्या है मामला

मनीष सिसोदिया ने अधिकारी के खिलाफ लिखी चिट्ठी

खास बातें

  1. 'टॉक टू AK'की पहले ही CBI जांच चल रही है
  2. सिसोदिया ने अफसर के खिलाफ लिखी चिट्ठी
  3. अफसर ने फेसबुक लाइव के लिए मांगा था 1 महीने का समय
नई दिल्ली:
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दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया का अपने ही तहत आने वाले विभाग के सेक्रेटरी के साथ नया विवाद सामने आया है. दरअसल मनीष सिसोदिया ने GST के मुद्दे पर जनता/व्यापारियों की समस्या/सवालों पर 2 जून को एक फेसबुक लाइव करने के लिए DIP यानी सूचना और प्रचार निदेशालय के सचिव डॉ जयदेव सारंगी को चिट्ठी लिखी. 25 मई को लिखी इस चिट्ठी में इस फेसबुक लाइव के प्रचार की बात कही गई. DIP सेक्रेटरी डॉ जयदेव सारंगी ने जवाब दिया कि इसके लिए ग्लोबल टेंडरिंग करवानी पड़ेगी, जिसमें एक महीने का समय लगेगा. 'टॉक टू AK'कार्यक्रम की पहले ही CBI जांच चल रही है.
 
DIP सेक्रेटरी के इस जवाब से नाराज़ होकर मनीष सिसोदिया ने चीफ सेक्रेटरी एमएम कुट्टी को चिट्ठी लिखी और कहा कि एक फेसबुक लाइव के लिए DIP सेक्रेटरी ग्लोबल टेंडरिंग और एक महीना लगने की बात कह रहे हैं आज के ज़माने में अगर एक फेसबुक लाइव करवाने में किसी अफ़सर को एक महीना का समय लग रहा है तो मानिए कि वह अफ़सर नाकाबिल है और उसको पद से हटाया जाए.
 
मनीष सिसोदिया ने कहा कि फेसबुक लाइव फोन से भी हो सकता है. DIP को केवल कार्यक्रम का प्रचार करना है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग GST के मुद्दे पर अपनी समस्या या सुझाव दिल्ली के वित्त मंत्री तक पहुंचा पाएं.11:13 02-06-2017 मनीष सिसोदिया ने अब 5 जून को फेसबुक लाइव कराने के लिए तैयारी करने को चीफ सेक्रेटरी को कहा है. शनिवार 3 जून को GST कॉउंसिल की बैठक से पहले आज शुक्रवार को ये फेसबुक लाइव करवाना था.

एक फेसबुक लाइव के लिए ग्लोबल टेंडर और एक महीना का समय लगने की बात अटपटी है, लेकिन बात यह है कि जुलाई 2016 में हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरवाल के TALK 2 AK कार्यक्रम के लिए पहले ही DIP की जांच चल रही है, जिसमें आरोप है कि टेंडरिंग में अनियमितता बरती गई. ऐसे में यह बहुत ज़ाहिर है कि अफ़सर तय प्रक्रिया का पालन पूरी सावधानी के साथ करना चाहते हैं, जिसमें वह पूरा समय चाहते हैं.


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