मन की बात : कुछ लोग संदिग्ध मरीजों के प्रति बुरा बर्ताव कर रहे हैं, यह दुखद है, पीएम मोदी ने कहीं 8 बड़ी बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस को परास्त करने में एक दूसरे से पर्याप्त दूरी बनाने (सोशल डिस्टेंसिंग) को कारगर बताते हुये देशवासियों से लॉकडाउन के दौरान संक्रमण के संदिग्ध मरीजों के प्रति वैरभाव प्रकट करने से बचने की अपील की.

मन की बात :  कुछ लोग संदिग्ध मरीजों के प्रति बुरा बर्ताव कर रहे हैं, यह दुखद है, पीएम मोदी ने कहीं 8 बड़ी बातें

Coronavirus : पीएम मोदी की मन की बात Covid19 पर केंद्रित रहा.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस को परास्त करने में एक दूसरे से पर्याप्त दूरी बनाने (सोशल डिस्टेंसिंग) को कारगर बताते हुये देशवासियों से लॉकडाउन के दौरान संक्रमण के संदिग्ध मरीजों के प्रति वैरभाव प्रकट करने से बचने की अपील की. मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा कि ऐसे कुछ मामले संज्ञान में आये हैं जिनमें कुछ लोग संदिग्ध मरीजों के प्रति बुरा बर्ताव कर रहे हैं, यह दुखद है. उन्होंने अपील की कि सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब भौतिक दूरी को बढ़ाना और भावनात्मक दूरी को घटाना है. आपको बता दें कि भारत में रविवार को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 979 तक पहुंच चुकी है जबकि 25 लोगों की इसके चलते जान जा चुकी हैं

8 बड़ी बातें

  1. सोशल डिस्टेंसिंग का अर्थ एक दूसरे से मन की दूरी बनाना नहीं बल्कि भौतिक दूरी को बरकरार रखते हुये संक्रमण को दूसरों में फैलने से रोकना और संक्रमण से खुद को बचाना भी है. 

  2. इसका अर्थ किसी संक्रमित व्यक्ति या संक्रमण के संदिग्ध व्यक्ति को दुत्कारना नहीं है.

  3. कोटा के यशवर्धन ने ‘नरेंद्र मोदी एप' पर लिखा है कि वे लॉकडाउन में पारिवारिक संबंधों को मजबूत बना रहे हैं.

  4.  एक तरफ लॉकडाउन में लोग अपने घरों तक सीमित हैं, वहीं लॉकडाउन ने ऐसे तमाम कामों को करने का अवसर भी दिया है जो कामकाज की व्यस्तताओं के कारण लोग नहीं कर पाते हैं.

  5. इस अवधि में आप संगीत, बागवानी और अन्य शौक पूरे कर सकते हैं, साथ ही बचपन के मित्रों से भी बात कर इस समय का सदुपयोग कर सकते हैं.

  6. रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में लगे दवा, दूध, सब्जी और किराना विक्रेताओं संकट के इस दौर में जोखिम लेकर भी सभी देशवासियों को जरूरत की वस्तुयें मुहैया करा रहे हैं.

  7. संचार एवं बैंकिंग सेवायें भी बहाल रखने के लिये संचार और बैंकिंग सेवाकर्मियों के सहयोग के लिए भी आभार.

  8. दुनिया का अनुभव बताता है कि इस बीमारी से बीमार होने वालों की संख्या अचानक बढ़ती है.  भारत में यह स्थिति न आये इसके लिये सरकार पूरा प्रयास कर रही है. 



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

 
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