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यूपी सरकार ने हटाए 25 हजार होमगार्ड तो मायावती बोलीं- सरकार बेरोजगारी क्यों बढ़ा रही है

मायावती ने बुधवार को ट्वीट किया, ‘उप्र सरकार अपनी गलत आर्थिक नीतियों की सजा 25 हजार होमगार्डों को बर्खास्त करके उनके परिवारों को क्यों दे रही है? इससे प्रदेश में अराजकता और बढ़ेगी. सरकार रोजगार देने के बजाए बेरोजगारी को और क्यों बढ़ा रही है?'

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यूपी सरकार ने हटाए 25 हजार होमगार्ड तो मायावती बोलीं- सरकार बेरोजगारी क्यों बढ़ा रही है

बसपा प्रमुख मायावती (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. सरकार रोजगार देने के बजाए बेरोजगारी को और बढ़ा रही है
  2. कोर्ट के निर्देशित नए भत्तों का भुगतान करने की स्थिति में नहीं सरकार
  3. मंत्री ने कहा- किसी भी होमगार्ड को हटाया नहीं जाएगा
लखनऊ:

उत्तर प्रदेश में बजट की कमी के कारण 25,000 होमगार्ड को हटाए जाने के फैसले को लेकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने प्रदेश सरकार पर बेरोजगारी बढ़ाने का आरोप लगाया है. मायावती (Mayawati) ने बुधवार को ट्वीट किया, ‘उप्र सरकार अपनी गलत आर्थिक नीतियों की सजा 25 हजार होमगार्डों को बर्खास्त करके उनके परिवारों को क्यों दे रही है? इससे प्रदेश में अराजकता और बढ़ेगी. सरकार रोजगार देने के बजाए बेरोजगारी को और क्यों बढ़ा रही है?' बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार 25,000 होमगार्डों को हटा रही है.

सरकार की दलील है कि वह उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्देशित नये भत्तों का भुगतान करने की स्थिति में नहीं है. हालांकि मीडिया में खबरें आने के बाद देर शाम सरकार ने इस मुद्दे पर यूटर्न ले लिया था और प्रदेश के होमगार्ड विभाग के मंत्री चेतन चौहान ने बयान दिया था, ‘किसी भी होमगार्ड को हटाया नहीं जाएगा. इस संबंध में मैंने पुलिस विभाग के अधिकारियों से भी बातचीत की हैं.'

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चौहान ने कहा, 'पुलिस विभाग अगर 25 हजार होमगार्डों को हटा रहे हैं तो होमगार्ड विभाग उन्हें कहीं न कहीं लगा देगा. हो सकता है कि उनके काम के दिन कम हो जाएं. हमने पुलिस विभाग से भी कहा है कि भले ही इनके काम के दिन कम कर दिए जाएं, लेकिन इन्हें रखा जाए. निकाला नहीं जाए. मैने पुलिस विभाग के साथ-साथ अपने विभाग से भी कह दिया है कि किसी को भी हटाया न जाए.' इससे पहले मीडिया में खबरें आने के बाद सरकार ने हालांकि स्पष्ट किया कि वह समस्या का हल तलाशने का प्रयास कर रही है और सुनिश्चित करेगी कि हर घर में दीपावली मनायी जाए. वहीं होमगार्ड का दैनिक भत्ता अब बढ़ा कर 672 रूपये कर दिया गया है जो शीर्ष अदालत के जुलाई के आदेश से पहले पांच सौ रूपये था.

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सरकार ने कहा कि इससे राजकोष पर हर महीने दस से 12 करोड़ रूपये का अतिरिक्त बोझ पडता. ऐसे में तय किया गया कि होमगार्ड की तैनाती थानों और ट्रैफिक सिग्नलों पर ना की जाए. बता दें कि होमगार्ड स्थायी कर्मचारी नहीं होते. उनकी भर्ती अस्थायी आधार पर की जाती है. अपर महानिदेशक बी पी जोगदंड की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 25,000 होमगार्ड को हटाने का फैसला इस साल 28 अगस्त को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में किया गया था. वहीं होमगार्ड की तैनाती तीन अप्रैल के सरकारी आदेश के जरिए की गई थी. होमगार्ड का कोई सुनिश्चित मासिक वेतन नहीं होता है. उन्हें ड्यूटी के दिनों के आधार पर भुगतान किया जाता है. उनके कार्य के दिन 25 से घटा कर 15 कर दिए गए थे.

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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