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BSP ने मांगा CM अशोक गहलोत का इस्तीफा, आखिर कांग्रेस पर क्यों इतना भन्नाई हैं 'बहनजी'

ऐसा लग रहा है बीएसपी सुप्रीमो मायावती और कांग्रेस के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है. बीएसपी सुप्रीमो मायावती को उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी की अति सक्रियता अच्छी नहीं लग रही है.

BSP ने मांगा CM अशोक गहलोत का इस्तीफा, आखिर कांग्रेस पर क्यों इतना भन्नाई हैं 'बहनजी'

BSP सुप्रीमो मायावती ने CM अशोक गहलोत का इस्तीफा मांगा

खास बातें

  • कांग्रेस और मायावती के बीच तल्खी बढ़ी
  • मायावती ने सीएम अशोक गहलोत का मांगा इस्तीफा
  • प्रियंका गांधी पर भी साध चुकी हैं निशाना
नई दिल्ली:

ऐसा लग रहा है बीएसपी सुप्रीमो मायावती और कांग्रेस के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है. बीएसपी सुप्रीमो मायावती को उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी की अति सक्रियता अच्छी नहीं लग रही है दूसरी ओर आज राजस्थान में बीएसपी के 6 विधायक जो सितंबर 2019 में कांग्रेस में शामिल हो गए थे वे आज दिल्ली में सोनिया गांधी से मिलकर पार्टी की औपचारिक सदस्यता ले ली है. ऐसा लग रहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर हुईं तल्खियां एक बार फिर से शुरू होने जा रही हैं. हालांकि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मायावती के गुस्से को काफी हद तक शांत कर दिया था लेकिन जिस तरह से प्रियंका गांधी की टीम उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सक्रिय होती दिख रही है अब मायावती भी ज्यादा देर तक चुप बैठनी वाली नही हैं. 

कांग्रेस की औपचारिक सदस्यता लेने वाले बीएसपी छोड़कर आए विधायक

इसी कड़ी में मायावती ने राजस्थान के कोटा में 100 नवजातों की मौत के मामले में अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जिम्मेदार ठहराते हुये उन्हें पद से हटाये जाने की मांग की है. मायावती ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा कि राजस्थान में 100 माताओं की कोख उजड़ने के मामले में कांग्रेस को केवल अपनी नाराजगी जताना ही काफी नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को चाहिए कि वह वहां के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को तुरंत हटा कर वहां अपने किसी सही व्यक्ति को सत्ता में बैठाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह राज्य के लिए बेहतर होगा नहीं तो और भी माओं की कोख उजड़ सकती है. उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी मायावती ने राजस्थान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत का कोटा मामले में अपनी कमियों को छिपाने के लिए गैर-जिम्मेदराना एवं असंवेदनशील रवैया अपनाना तथा अब राजनैतिक बयानबाजी करना, अति शर्मनाक और निन्दनीय है. 

गहलोत सरकार का फ़ोकस BJP पर निशाना साधने में ही है, अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में कम है

इससे पहले मायावती ने प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘यह अच्छा होता कि वह उत्तर प्रदेश की तरह कांग्रेस महासचिव (प्रियंका गांधी वाड्रा) राजस्थान के कोटा के उन गरीब पीड़ित मांओं से भी जाकर मिलती, जिनकी गोद उनकी पार्टी की सरकार की लापरवाही के कारण उजड़ गई हैं.' मायावती ने यहीं नहीं रुकीं उन्होंने आगे कहा, यदि कांग्रेस की महिला राष्ट्रीय महासचिव राजस्थान के कोटा में जाकर मृतक बच्चों की ‘‘माओं‘‘ से नहीं मिलती हैं तो यहाँ अभी तक किसी भी मामले में यू.पी. पीड़ितों के परिवार से मिलना केवल इनका यह राजनैतिक स्वार्थ व कोरी नाटकबाजी ही मानी जायेगी, जिससे यू.पी. की जनता को सर्तक रहना है.' (इनपुट भाषा से भी)

हॉट टॉपिक: कोटा के एक अस्पताल में महीने भर में 100 बच्चों की मौत​