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मायावती की इस्तीफे की पेशकश, अंगुली कटाकर शहीद बनने का नाटक : रामविलास पासवान

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने योगी आदित्यनाथ से कहा- दलितों की हत्या, उत्पीड़न के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें

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मायावती की इस्तीफे की पेशकश, अंगुली कटाकर शहीद बनने का नाटक : रामविलास पासवान

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने बीएसपी सुप्रीमो मायावती पर जमकर निशाना साधा है.

खास बातें

  1. केंद्रीय मंत्री ने सिलसिलेवार ट्वीट कर मायावती पर जमकर निशाना साधा
  2. कहा- मायावती के सीएम रहते दलितों पर सबसे अधिक अत्याचार हुए
  3. दलितों ने मायावती को रिजेक्ट कर दिया है इसलिए घबरा गई हैं
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि मायावती द्वारा दलित उत्पीड़न को लेकर राज्यसभा से इस्तीफा देने की पेशकश अंगुली कटाकर शहीद बनने का नाटक है. उन्होंने कहा है कि सन 1996 में मेरठ के हस्तिनापुर थाना अंतर्गत पाली गांव मे छह दलितों की हत्या कर दी गई थी. उस समय मायावती सत्ता में थीं. तब उन्होंने क्यो नहीं इस्तीफा दिया?
 
  केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने बुधवार को सिलसिलेवार ट्वीट कर मायावती पर जमकर निशाना साधा.

वीडियो - मायावती ने राज्यसभा से इस्तीफा दिया


पासवान ने कहा कि यूपी के लोकसभा और विधानसभा चुनाव में दलितों ने मायावती को रिजेक्ट कर दिया है और विकल्प में दलित लीडर पैदा हो रहे हैं तो मायावती घबरा गई है.
  उन्होंने कहा कि मायावती यह भी बताएं कि बैंक में जो पैसे जमा कराए थे वह पैसे दलितों ने दिए थे या बड़े-बड़े पूंजीपतियों ने दिए थे?
  पासवान ने कहा कि जब बीएसपी और समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में सत्ता में थीं. उस समय सबसे ज्यादा दलितों पर जुल्म और अत्याचार हुए थे.
  उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव में दलितों द्वारा खारिज किए जाने को लेकर उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दिया है. उन्होंने दावा किया है कि मायावती के मुख्यमंत्री रहते दलितों के खिलाफ सबसे अधिक अत्याचार हुए.
  केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से राज्य में दलितों की हत्या और उत्पीड़न के मामलों को गंभीरता से लेने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया.
  पासवान ने योगी से कहा है कि दोषी व्यक्ति और अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करें. इसके लिए संबंधित जिले के डीमऔर एसपी को जवाबदेह बनाएं जिससे इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.


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