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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की थाली से गायब हुआ गोश्त, छात्रों का आरोप, जबरन शाकाहारी बना रहे हैं

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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की थाली से गायब हुआ गोश्त, छात्रों का आरोप, जबरन शाकाहारी बना रहे हैं

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में थाली से गायब हुआ 'गोश्त'

लखनऊ: यूपी में मीट कारोबारियों की हड़ताल की वजह से मीट की किल्लत का असर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों पर भी पड़ा है. इनके खाने से मांसाहार गायब हो गया है. पहले छात्रों को हफ्ते में दो दिन मीट मिल जाता था. छात्रों की शिकायत है कि उन्हें जबरन शाकाहारी बनाया जा रहा है.हर वक्त दाल सब्ज़ी परोसी जा रही है. इसे लेकर उन्होंने यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर को चिट्ठी लिखी है. एएमयू छात्र संघ अध्यक्ष फेजुल हसन का कहना है कि पिछले पांच-छह दिनों से छात्रों को गोश्त नहीं मिल रहा है, ऐसे में वाइस चांसलर को एक पत्र लिखा है, जिसमें मांग की है कि लाइसेंसी मीट फैक्ट्रियों से सभी हॉलों में मीट की सप्लाई कराई जाए और छात्रों को जल्द से जल्द मीट खाने के लिए मिले. इसके अलावा कोई ऑप्शन नहीं है, चिकन और मटन पर भी रेट बढ़ गया हैं.

उधर, यूपी में कई दिनों से चल रही मीट बेचने वालों की हड़ताल जल्द खत्म होने के आसार बन रहे हैं. गुरुवार को मुख्यमंत्री से मीट कारोबारियों ने मुलाकात कर अपनी मुश्किलें बताईं. इसके बाद सरकार ने साफ किया कि धर्म और जाति या रंग के आधार पर भेदभाव नहीं करेगी, लेकिन अवैध तौर पर चल रहे बूचड़खानों पर कार्यवाई जारी रहेगी. यूपी सरकार ने मीट कारोबारियों को एनजीटी के आदेश के मुताबिक -काम करने को कहा है. कानूनी और लाइसेंसी तौर पर चल रही दुकानों के खिलाफ कार्यवाई करनेवाले अति उत्साही अधिकारियों को ज़िम्मेदारी से काम करने का कहा गया है.

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास पर मीट कारोबारियों का ‘ऑल इण्डिया जमातुल कुरैश’ का प्रतिनिधिमण्डल मिला. प्रतिनिधिमंडल ने मीट की बिक्री के सम्बन्ध में आ रही परेशानियों और समस्याओं के बारे में मुख्यमंत्री को बताया. प्रतिनिधिमण्डल ने इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री को अपना ज्ञापन भी सौंपा. प्रतिनिधिमण्डल में देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिनिधि शामिल थे. उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने आधे घंटे चली बैठक में प्रतिनिधिमण्डल द्वारा बतायी गई समस्याओं और परेशानियों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि यह सरकार सबकी है, जाति, पंथ, मजहब आदि के आधार पर किसी के साथ कोई भेदभाव या अन्याय नहीं होने दिया जाएगा.


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