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यूपी के बाद अब गुरुग्राम में भी गरमाया मीट-चिकन का मुद्दा, शिवसैनिकों ने मीट की दुकानें जबरन बंद कराईं

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यूपी के बाद अब गुरुग्राम में भी गरमाया मीट-चिकन का मुद्दा, शिवसैनिकों ने मीट की दुकानें जबरन बंद कराईं

गुुरुग्राम में मीट की दुकानों को जबरन बंद कराया गया

खास बातें

  1. नवरात्र और मंगलवार को मीट शॉप बंद करने का नोटिस दिया था
  2. बाद में शिवसैनिकों ने ऐसी सैकड़ों दुकानों को जबरन बंद कराया
  3. शिवसेना का बयान, यह घटना उद्धव ठाकरे की इजाजत के बिना हुई है
गुरुग्राम: मीट से जुड़ा मुद्दा उत्‍तर प्रदेश के साथ हरियाणा में भी गरम होता जा रहा है. हरियाणा के गुरुग्राम (गुड़गांव) में शिवसेना के कुछ कार्यकर्ताओं ने मीट और चिकन की दुकानों को निशाना बनाया है. इन शिवसैनिकों ने नवरात्र पर्व के मद्देनजर मीट और चिकन की करीब 500 दुकानों को जबरन बंद करा दिया. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जिन दुकानों को बंद कराया गया उसमें मशहूर फूड चेन  KFC भी शामिल है. इस दौरान शिवसैनिकों की कुछ दुकानदारों के साथ गरमागरम बहस भी हुई. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, शिवसैनिकों ने गुरुग्राम में मीट शॉप के मालिकों को नवरात्र और मंगलवार पर दुकानों को बंद रखने का नोटिस जारी किया था. इसमें इस बात की सख्‍त ताकीद थी कि मंगलवार के दिन और नवरात्र पर्व पर दुकानों को बंद रखा जाए.
 
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गुरुग्राम के शिवसेना सचिव रोहतास यादव ने मीट के दुकान वालों के लिए यह नोटिस जारी किया था.


सेक्टर 14 मार्केट में मौजूद KFC आउटलेट को भी बंद करा दिया गया. शिवसेना कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होने गुरुग्राम के सभी मीट शॉप मालिकों को तीन दिन पहले नोटिस दिया था कि नवरात्रों के दौरान और हर मंगलवार को अपनी अपनी मीट शॉप बंद रखें. इसी नोटिस के चलते कल यानी मंगलवार को लगभग डेढ सौ शिवसेना कार्यकर्ताओं ने मिलकर शहर के अलग-अलग इलाकों में मौजूद तकरीबन 500 मीट शॉप को बंद करा दिया. बुधवार को भी पुराने गुड़गांव की लगभग सारी दुकाने बंद हैं.

इस बीच, शिवसेना की ओर से जारी बयान में साफ किया गया है कि गुरुग्राम का विरोध प्रदर्शन शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की इजाजत के बिना किया गया है.शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक के बयान में कहा गया है कि पार्टी मीट या ऐसी खाने पीने की चीजों पर पाबंदी के खिलाफ है और लोगों को अपनी मर्जी की चीजें खाने-पीने की आजादी है.

 गौरतलब है कि यूपी में अवैध बूचड़खानों के खिलाफ सख्‍त रुख अपनाया गया है. दरअसल, योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद बिना लाइसेंस के काम करने वाले बूचड़खानों को बंद कर दिया गया है. बीजेपी ने यूपी के चुनावों के दौरान चुनावों में वादा किया था कि अवैध बूचड़खानों को बंद कर दिया जाएगा. राज्‍य में बीजेपी के नेतृत्‍व में सरकार बनने के बाद लखनऊ से लेकर हाथरस और मऊ से लेकर गोरखपुर तक हर जगह पुलिस सड़क पर मीट और मछली बेचने वालों को भी हटा रही है. दिल्ली से सटे गाजियाबाद में भी करीब दो दर्जन बूचड़खाने बंद कराए गए हैं. बूचड़खानों में काम कर करने वाले लोगों की मांग है कि सरकार उन्हें दूसरी जगह रोजगार दे या फिर बूचड़खाने चलाने का लाइसेंस दे. वे अब कोर्ट जाने की तैयारी कर हैं. (एजेंसी से भी इनपुट)


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