Kerala Floods: छुट्टी पर थे मेजर हेमंत राज, फ्लाइट से पहुंचकर बचाई 100 लोगों की जान

हेमंत राज ने रिटायर्ड सैनिकों, छात्रों और स्थानीय मछुवारों  की टीम गठित कर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. उनकी टीम ने केरल में सौ लोगों की जिंदगियां बचाईं.

Kerala Floods: छुट्टी पर थे मेजर हेमंत राज, फ्लाइट से पहुंचकर बचाई 100 लोगों की जान

एक सैनिक कभी छुट्टी पर नहीं होता. अवकाश होने पर भी केरल में 100 लोगों की जिंदगी बचाकर यही साबित किया मेजर हेमंत राज ने.

नई दिल्ली:

भले ही सेना के मेजर हेमंत राज छुट्टी पर थे, मगर केरल में बाढ़ से तबाही का मंजर देख उनके अंदर का सेवाभाव जाग उठा. कोच्चि की फ्लाइट कैंसिल होने पर तिरुवनंतपुरम की दूसरी फ्लाइट लेकर पहुंचे हेमंत राज ने रिटायर्ड सैनिकों, छात्रों और स्थानीय मछुवारों  की टीम गठित कर जबर्दस्त तरीके से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. उनकी टीम ने केरल में सौ लोगों की जिंदगियां बचाईं. केरल में मेजर की इस पहल की सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही है.

हेमंत राज सेना की 28 मद्रास सप्त शक्ति कमांड में मेजर हैं. सेना से उन्होंने घर पर ओनम पर्व मनाने के लिए छुट्टी ली थी. 18 अगस्त को उनके अवकाश का पहला दिन था. उसी दिन वह तैनाती स्थल से दिल्ली पहुंचे, क्योंकि इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से कोच्चि के लिए फ्लाइट थी. मगर पता चला कि केरल में  भारी बारिश के कारण हालात खराब हैं. कोच्चि के लिए फ्लाइट भी कैंसिल हो गई.

 हेमंत राज ने कहा-मैं घर जाकर ओनम मनाने के लिए खूब उत्सुक था. छुट्टी भी मंजूर हो गई थी और मेरी  दिल्ली से कोच्चि लिए फ्लाइट भी थी. दिल्ली पहुंचने पर केरल में तबाही का पता चला. फ्लाइट कैंसिल होने पर मैने इंडिगो के अफसरों से कहा कि घर जाकर लोगों की मदद करना चाहता हूं, उन्होंने वर्दी की इज्जत करते हुए 19 अगस्त की फ्लाइट से तिरुवंतपुरम जाने में मदद की.
 

तिरुवंतपुरम पहुंचने के बाद मेजर को बाढ़ से हालात बेहद खराब दिखे. जिस पर उन्होंने घर न जाकर चेंगन्नूर इलाके में पीड़ितों की मदद करने का फैसला लिया. जबकि उन्हें यह मालुम था कि घरवाले भी राहत शिविर में ही गुजारा कर रहे हैं. फिर भी घर न जाकर पीड़ितों की मदद करना ज्यादा जरूरी समझा. उन्होंने एयर फोर्स के अफसरों से चेनगन्नपुर में एयरड्राप करने की अपील की. जहां पहुंचने पर उन्होंने टीम बनाकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया.

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उन्होंने बताया- मैंने ए रिटायर्ड सेना के जवानों, उत्साही छात्रों और मछुआरों को एकजुट किया और फिर टीम गठित कर बचाव कार्य शुरू किया.35 लोगों की टीम के साथ सुदूर इलाकों में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद की. लोग पहले से बचाव टीम का इंतजार कर रहे थे. बता दें कि केरल के लोगों को तेज बारिश के कारण सदी की सबसे बड़ी तबाही बाढ़ के रूप में झेलनी पड़ी है.पिछले एक हफ्ते से केरल की स्थिति बेहद खराब हुई. एनडीआरएफ की कई टीमों के प्रयास के बाद अब हालात सुधरने शुरू हुए हैं. ( इनपुट IANS से)
 
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