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कभी इलाहाबाद तो कभी फैजाबाद, स्थानों का नाम बदलने की कवायद ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड

सूचना के अधिकार (आरटीआई) से पता चला है कि वर्ष 2018 के दौरान केंद्रीय गृह मंत्रालय को गांवों, कस्बों, शहरों और रेलवे स्टेशनों के नामों में बदलाव के लिये 34 प्रस्ताव मिले.

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कभी इलाहाबाद तो कभी फैजाबाद, स्थानों का नाम बदलने की कवायद ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड

इस साल नाम बदलने के लिए कुल 34 प्रस्ताव आए.

नई दिल्ली :

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछलों दिनों फैजाबाद और इलाहाबाद का नाम बदल दिया. फैजाबाद का नाम अयोध्या रखा गया. तो इलाहाबाद का प्रयागराज के रूप में नया नामकरण हुआ. इसी तरह मुगलसराय रेलवे स्टेशन को भी  पं. दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन के रूप में नया नाम मिला. देशभर में तमाम जगहों का नाम बदलने की होड़ के बीच अब एक नया खुलासा हुआ है. सूचना के अधिकार (आरटीआई) से पता चला है कि वर्ष 2018 के दौरान केंद्रीय गृह मंत्रालय को गांवों, कस्बों, शहरों और रेलवे स्टेशनों के नामों में बदलाव के लिये 34 प्रस्ताव मिले. जगहों के नाम में तब्दीली के प्रस्तावों की यह तादाद सालाना आधार पर पिछले एक दशक में सर्वाधिक है. आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने बताया कि आंकड़ों के मुताबिक नाम परिवर्तन के संबंध में केन्द्रीय गृह मंत्रालय को वर्ष 2008 में दो, 2010 में तीन, 2011 में 11, 2012 में चार, 2013 में 14, 2014 में भी 14, 2015 में 16, 2016 में 17, 2017 में 25 और 2018 में 34 प्रस्ताव मिले. जबकि वर्ष 2009 में गृह मंत्रालय को इस तरह का एक भी प्रस्ताव नहीं मिला.

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इस तरह पिछले 11 वर्षों में केन्द्रीय गृह मंत्रालय को स्थानों के नाम में परिवर्तन के कुल 140 प्रस्ताव मिले. अलग-अलग एजेंसियों के साथ उचित विचार-विमर्श के बाद इनमें से 127 प्रस्तावों को स्वीकृत करते हुए अनापत्ति प्रमाण जारी किया गया, जबकि 13 अन्य प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है. आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक ये 13 विचाराधीन प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय को वर्ष 2018 में ही मिले हैं. वैसे इस वर्ष मंत्रालय ने देश भर के स्थानों के नाम परिवर्तन के 21 प्रस्तावों को हरी झंडी दिखायी. वर्ष 2018 के दौरान केंद्रीय गृह मंत्रालय को स्थानों के नाम परिवर्तन के प्रस्ताव भेजने में राजस्थान अव्वल रहा. राजस्थान की ओर से ऐसे सर्वाधिक सात प्रस्ताव भेजे गये। इसके बाद हरियाणा से छह, मध्यप्रदेश एवं नागालैंड से चार-चार, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र से तीन-तीन और केरल से ऐसे दो प्रस्ताव भेजे गये. कर्नाटक, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, दिल्ली और बिहार से ऐसा एक-एक प्रस्ताव भेजा गया. (इनपुट- भाषा से भी)

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