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पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी की इस महत्वाकांक्षी योजना को मोदी सरकार ने बजट में दिये मात्र 1 लाख रुपये

मोदी सरकार 2.O का पहला बजट भले ही 27.86 लाख करोड़ रुपये का हो, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की महत्वाकांक्षी ‘नदी जोड़ो’ परियोजना के लिए इसमें मात्र एक लाख रुपये रखे गए हैं.

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पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी की इस महत्वाकांक्षी योजना को मोदी सरकार ने बजट में दिये मात्र 1 लाख रुपये

‘नदी जोड़ो’ परियोजना के लिए बजट में मात्र एक लाख रुपये रखे गए हैं.

खास बातें

  1. वाजपेयी सरकार ने शुरू की थी 'नदी जोड़ो' योजना
  2. इस बार बजट में इस योजना का आवंटन घटा दिया गया
  3. 'नदी जोड़ो' योजना के लिए सिर्फ 1 लाख रुपये आवंटित
नई दिल्ली :

मोदी सरकार 2.O का पहला बजट भले ही 27.86 लाख करोड़ रुपये का हो, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की महत्वाकांक्षी ‘नदी जोड़ो' परियोजना के लिए इसमें मात्र एक लाख रुपये रखे गए हैं. राजग सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में देश की नदियों को आपस में जोड़ने की महत्वकांक्षी योजना को जोर-शोर से आगे बढ़ाया था, लेकिन इस बार के बजट में इसके लिए काफी कम धनराशि रखी गई है. सामान्य बजट के ब्यय संबंधी दस्तावेज के अनुसार, नदियों को आपस में जोड़ने की योजना के मद में 2019..20 के लिए एक लाख रुपये रखे गए हैं. आपको बता दें कि भारत में ‘नदी जोड़ो' का विचार सर्वप्रथम 1858 में ब्रिटिश सिंचाई इंजीनियर सर आर्थर थॉमस कॉटन ने दिया था. 

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इसके बाद पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार ने नदियों को आपस में जोड़ने की दिशा में महवपूर्ण पहल की थी और इसके बाद 2014 में भाजपा नीत राजग सरकार के दौरान काम को आगे बढ़ाया गया, लेकिन अभी तक यह कार्य जमीन पर नहीं उतर पाया है. लोकसभा में नदियों को आपस में जोड़ने के विषय पर 27 जून 2019 को कौशलेन्द्र कुमार के एक प्रश्न के उत्तर में जल शक्ति राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया ने कहा था, ‘नदी जोड़ो परियोजना के कार्यान्वयन में कई चरण होते हैं. किसी परियोजना के कार्यान्वयन का चरण संबंधित राज्यों के साथ सर्वसम्मति प्राप्त होने के बाद इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होने और वैधानिक मंजूरी के बाद पूरा होगा. इस प्रकार परियोजना के कार्यान्वयन में अलग-अलग समय लगेगा.'  

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सरकार ने निचले सदन में बताया था कि अगस्त 1980 में तत्कालीन सिंचाई मंत्रालय (अब जल शक्ति मंत्रालय) ने अंतर बेसिन जल अंतरण के जरिये जल संसाधनों के विकास के लिए राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना (एनपीपी) तैयार की थी जिसका उद्देश्य जल की अधिकता वाले बेसिनों से जल की कमी वाले बेसिनों में जल अंतरण करना था. एनपीपी के तहत राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण ने साध्यता रिपोर्ट तैयार करने के लिए 30 नदियों को जोड़ने के लिये पहचान की थी जिसमें 16 प्रायद्वीपीय और 14 हिमालयी घटक वाली नदियां हैं. अंतर जल बेसिन में जल अंतरण के लिए 30 नदियों को जोड़ने की योजना की साध्यता रिपोर्ट पूरी कर ली गई है. (इनपुट-भाषा)

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