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सबको चुप्पी साधे रहने के लिए बाध्य कर रही है मोदी सरकार : राहुल गांधी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बेंगलुरु में समाचार पत्र 'नेशनल हेराल्ड' के कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी सरकार को निशाना बनाते हुए अनेक आरोप लगाए

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सबको चुप्पी साधे रहने के लिए बाध्य कर रही है मोदी सरकार : राहुल गांधी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बेंगलुरु में केंद्र सरकार को विभिन्न मुद्दों को लेकर निशाना बनाया.

खास बातें

  1. कहा, पत्रकारों को वह नहीं लिखने दिया जा रहा जो वे लिखना चाहते हैं
  2. जब सच्चाई का स्थान चुप्पी ले लेती है तब चुप्पी झूठ बन जाती है
  3. सच बोलने का प्रयास करने वाले को दरकिनार किया जा रहा
बेंगलुरु: कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को निशाना बनाते हुए अनेक आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि दलितों के साथ मारपीट की जा रही है, अल्पसंख्यक समुदाय को डराया जा रहा है और पत्रकारों व नौकरशाहों को धमकाया जा रहा है. सरकार सभी को चुप रहने के लिए बाध्य कर रही है.  

राहुल गांधी ने यहां समाचार पत्र 'नेशनल हेराल्ड' के एक कार्यक्रम में कहा कि 'सच्चाई की शक्ति को सत्ता की सच्चाई से बदला जा रहा है तथा कोई भी अगर सच बोलने का प्रयास करता है और इसके लिए खड़ा होता है तो उसे दरकिनार कर दिया जा रहा है.' राहुल ने आरोप लगाया कि 'हजारों पत्रकारों को वह नहीं लिखने दिया जा रहा जो वे लिखना चाहते हैं. वे (पत्रकार) मुझसे कहते हैं कि उन्हें वह नहीं लिखने दिया जा रहा जो वे लिखना चाहते हैं.'

राहुल ने कहा कि उन्हें हाल ही में किसान आंदोलन के दौरान मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश नहीं जाने दिया गया. उन्हें दोनों राज्यों की सीमाओं पर रोक दिया गया. 'हम जिस भारत में रह रहे हैं..ऐसा भारत जहां सत्ता सच्चाई पैदा करेगी.' कांग्रेस नेता ने सोवियत कवि (येवगेनी येचतुशेंको) का जिक्र किया जिन्होंने कहा था कि जब सच्चाई का स्थान चुप्पी ले लेती है तब चुप्पी झूठ बन जाती है. उन्होंने कहा कि सरकार यही करने का प्रयास कर रही है. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि हर कोई जानता है कि सच्चाई क्या है. लेकिन वे इसे बताने में भयभीत हैं.

इस समारोह में उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने भारत की आजादी के 70 साल होने पर नेशनल हेराल्ड का स्मारक प्रकाशन जारी किया.

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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने याद किया कि जब नेशनल हेराल्ड के संपादक ने उनसे हाल ही में संपर्क किया, उन्होंने उनसे कहा कि ऐसे मौके आएंगे जब समाचार पत्र उनके या उनकी पार्टी या उसकी नीतियों के खिलाफ लिखना चाहेंगे लेकिन आप (संपादक) को पूरी तरह से सहज होना चाहिए. हम नेशनल हेराल्ड से इसी भावना की उम्मीद करते हैं. राहुल ने कहा कि नेशनल हेराल्ड की एक मजबूत भावना है और इसे चुप नहीं कराया जा सकता.

समाचार पत्र के निदेशक मंडल में शामिल कांग्रेस नेता आस्कर फर्नांडिस ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू द्वारा 1938 में स्थापित इस पत्र का प्रकाशन कुछ साल पहले स्थगित हो गया था और अब इसके हिंदी और उर्दू संस्करणों को बहाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि समाचार पत्र की वेबसाइट आठ महीने पहले शुरू हुई थी और उसका उन्नयन किया जा रहा है. इसी महीने यह पूरी तरह से चालू हो जाएगा.
(इनपुट भाषा से)


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