पीएम मोदी के मंत्री चुनाव प्रचार में रहे मस्त, कैबिनेट बैठक पर प्रचार को दी तरजीह, RTI से मिली जानकारी

पीएम मोदी के मंत्री चुनाव प्रचार में रहे मस्त, कैबिनेट बैठक पर प्रचार को दी तरजीह, RTI से मिली जानकारी

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

खास बातें

  • चुनाव मैदान में हाजिरी की कीमत कैबिनेट बैठक में ग़ैरहाज़िर होकर चुकाई गई
  • 'जो मंत्री उपस्थित नहीं थे, उनके नाम की जानकारी नहीं दी गई'
  • पीएम मोदी के अलावा 25 कैबिनेट और 13 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री हैं
मुंबई:

जब देश में 5 राज्‍यों में विधानसभा चुनाव हो रहे थे तो केन्द्र सरकार के मंत्री कैबिनेट बैठक की बजाए चुनाव प्रचार में हाजिरी लगा रहे थे. 5 राज्यों के चुनाव के दौरान फरवरी में कैबिनेट की चार अहम बैठकों में ज्यादातर मंत्री नहीं पहुंचे, ये खुलासा सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी से हुआ है. फरवरी से मार्च के बीच 5 राज्यों के चुनावों में बीजेपी ने 3 राज्यों में सरकार बना ली, प्रधानमंत्री समेत पूरा कैबिनेट चुनाव प्रचार में उतर गया. चुनाव मैदान में हाजिरी की कीमत कैबिनेट बैठक में ग़ैरहाज़िर होकर चुकाई गई. आरटीआई के तहत प्रधानमंत्री कार्यालय से 30 जनवरी से 23 फरवरी 2017 के बीच मंत्रिमंडल की बैठक और उसमें मौजूद मंत्रियों की जानकारी मांगी गई थी. प्रधानमंत्री कार्यालय ने आवेदन राष्ट्रपति भवन स्थित मंत्रिमंडल सचिवालय को हस्तांतरित किया.


मंत्रिमंडल सचिवालय के अवर सचिव के बंद्योपंध्याय ने बताया कि इस दौरान हुई चार बैठकों में 1 फरवरी को 38 मंत्री मौजूद थे, 8 फरवरी 2017 को 20 मंत्री, 15 फरवरी 2017 को 12 मंत्री और 22 फरवरी 2017 को 17 मंत्री कैबिनेट की बैठक में उपस्थित थे. यानी पहली कैबिनेट की बैठक में 98 प्रतिशत मंत्री उपस्थित थे. दूसरी बैठक में 52 प्रतिशत, तीसरी बैठक में सिर्फ 31 प्रतिशत और चौथी बैठक में 44 प्रतिशत मंत्री उपस्थित थे.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


इस मामले में आरटीआई के तहत आवेदन देने वाले एक्टिविस्ट अनिल गलगली ने बताया, 'जो मंत्री उपस्थित नहीं थे, उनके नाम की जानकारी मांगने पर मंत्रिमंडल सचिवालय ने मंत्रियों के नाम देने से इंकार करते हुए तर्क दिया कि मंत्रियों के नामों सहित मंत्रिमंडल की बैठकों के उपस्थिति-पत्र मंत्रिमंडल के दस्तावेजों का हिस्सा हैं.' केन्द्रीय मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा 25 कैबिनेट और 13 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री हैं. उत्तर प्रदेश में 11 फरवरी से 7 चरण में चुनाव हुए. वहीं उत्तराखंड में 15 फरवरी, पंजाब और गोवा में 4 फरवरी को चुनाव के लिए मतदान हुआ था.