चौथी बार सीएम बन इतिहास रचेंगे शिवराज, लेकिन 31 मार्च और 15 अगस्त की तारीखें बनी हैं चुनौती

मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान आज रात 9 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ  लेंगे तो अधिकारी उस फाइल को भी दुरुस्त कर रहे होंगे जिसमें कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या और अभी तक उठाए गए कदमों की जानकारी होगी.

चौथी बार सीएम बन इतिहास रचेंगे शिवराज, लेकिन 31 मार्च और 15 अगस्त की तारीखें बनी हैं चुनौती

शिवराज सिंह चौहान के सामने कोरोना वायरस एक बड़ी चुनौती है

खास बातें

  • शिवराज के सामने कोरोना की चुनौती
  • मध्य प्रदेश में भी कई संक्रमित
  • कांग्रेस ने भी दी है 15 अगस्त की चुनौती
नई दिल्ली:

मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान आज रात 9 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ  लेंगे तो अधिकारी उस फाइल को भी दुरुस्त कर रहे होंगे जिसमें कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या और अभी तक उठाए गए कदमों की जानकारी होगी. शिवराज सिंह चौहान भले ही चौथी बार मुख्यमंत्री बनकर मध्य प्रदेश में इतिहास रचें लेकिन इस बार उनके सामने चुनौती भी ऐसी है जिसमें देश का भाग्य और भविष्य जुड़ा है. मुख्यमंत्री के तौर पर उनको काम करते हुए दो तारीखों को हमेशा दिमाग में रखना होगा 31 मार्च तक का लॉकडाउन तो दूसरी ओर आने वाली तारीख 15 अगस्त. गौरतलब है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर मध्यप्रदेश में 36 से अधिक जिलों में लॉकडाउन घोषित किया गया है.  प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के छह मामलों की पुष्टि हुई है. इनमें पांच जबलपुर तथा एक मरीज भोपाल का है.  आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिलों में लॉकडाउन की अवधि 72 घंटे से लेकर तीन अप्रैल तक है तथा अधिकांश जिलों में 31 मार्च तक लॉकडाउन घोषित किया गया है.

प्रदेश की राजधानी भोपाल, टीकमगढ़, डिंडोरी, रायसेन, राजगढ़, छतरपुर, दतिया, मुरैना, होशंगाबाद, उमरिया और अनूपपुर को 31 मार्च तथा नरसिंहपुर जिले को 3 अप्रैल तक लॉकडाउन किया गया है.  इसके अलावा शहडोल, अलीराजपुर को 23 मार्च तक, सीहोर, शाजापुर, आगरा मालवा, रीवा, शिवपुरी, कटनी, ग्वालियर और भिंड को 24 मार्च तक, इन्दौर, देवास नीमच, सिंगरौली, गुना, रतलाम, मंडला, मंदसौर, बालाघाट, सिवनी, उज्जैन, श्योपुर, झाबुआ, विदिशा को 25 मार्च तक और जबलपुर जिले को 26 मार्च तक लॉकडाउन किया गया है. 

प्रदेश के बैतूल और छिंदवाड़ा जिले को अगले आदेश तक लॉकडाउन किया गया है. सूत्रों ने बताया कि इन सभी जिलों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा भी लागू की गई है.कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर इन्दौर जिला प्रशासन ने सोमवार से बुधवार, 25 मार्च तक लॉकडाउन का आदेश जारी किया है.  जरूरी होने पर लॉकडाउन को 31 मार्च तक बढ़ाया जा सकता है. इस बीच, प्रदेश के कार्यवाहक स्वास्थ्य मंत्री तरुण भनोट ने प्रदेश में कोरोना वायरस से पीड़ित छह मरीजों की हालत स्थिर है. 

उन्होंने कहा कि जबलपुर में पांच कोरोना पीड़ित मरीज प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर 4,000 से अधिक लोगों के संपर्क में आए हैं. इन सभी लोगों को प्रोटोकॉल के अनुसार पृथक रहने की सलाह दी गई है. प्रदेश में कोरोना वायरस से पीड़ित छह लोगों में से पांच जबलपुर के हैं जबकि एक भोपाल का है.  प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार मध्यप्रदेश से अब तक कोरोना वायरस के संदिग्ध 75 लोगों के नमूने जांच के लिए विभिन्न प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं. इनमें से छह लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई जबकि 48 लोगों की रिपोर्ट नकारात्मक आई है तथा 21 लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है. 

यानी कुर्सी पर बैठते ही शिवराज सिंह चौहान के सामने प्रदेश को कोरोना के प्रकोप से बचाने की है जिसकी सक्रिय रहने की समय सीमा 12-15 दिन के बीच की है. यानी कम से कम 31 मार्च तक नई सरकार को युद्ध स्तर पर काम करना होगा. 

इसके अलावा एक और तारीख है जिस पर शिवराज सिंह चौहान को नजर रखनी है. यह तारीख है आने वाला 15 अगस्त. मध्य प्रदेश कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से दावा किया गया है, '15 अगस्त को 15 अगस्त 2020 को कमलनाथ जी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर ध्वजारोहण करेंगे और परेड की सलामी लेंगे. ये बेहद अल्प विश्राम है'. फिलहाल सदन में बीजेपी के पास बहुमत है और पार्टी के नेता निर्दलीयों और कुछ अन्य विधायकों के साथ आने का दावा कर रहे हैं. 

 
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