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बागी विधायकों से मिलने से रोकने पर दिग्विजय बोले- लोकतंत्र है, तानाशाही नहीं, MLAs को ताले में बंद रखना चाहती BJP

दिग्विजय ने कहा कि हमारी मांग है कि BJP की क़ैद में रह रहे हमारे विधायकों से हमें मिलने दिया जाए. जब तक हमारी मुलाक़ात अपने विधायकों से नहीं होगी, मैं अनशन की घोषणा करता हूं. हमारे देश में लोकतंत्र है, डिक्टेटरशिप नहीं.

बागी विधायकों से मिलने से रोकने पर दिग्विजय बोले- लोकतंत्र है, तानाशाही नहीं, MLAs को ताले में बंद रखना चाहती BJP

बेंगलुरु पहुंचे कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में लिया

नई दिल्ली:

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बुधवार को कांग्रेस के बागी विधायकों से मिलने बेंगलुरु पहुंचे. हालांकि, कथित तौर पर पुलिस ने उन्हें विधायकों से मिलने नहीं दिया. जिसके बाद वे अन्य कांग्रेस नेताओं से साथ रिसॉर्ट के बाहर धरने पर बैठ गए. दिग्विजय ने ट्वीट करके बीजेपी सरकार पर लोकतंत्र का अपहरण करने का आरोप लगाया है. उन्होंने लिखा- मैं बेंगलुरु में अपने विधायकों से मिलने आया हूं. कर्नाटक पुलिस हमें मिलने नहीं दे रही है. मैं गांधीवादी हूं, निहत्था हूं. उनकी सुरक्षा के लिए कोई ख़तरा नहीं हूं. मैं गुप्त रूप से नहीं, खुलेआम मिलने आया हूं. लेकिन BJP उन्हें तालाबंद रखना चाहती है और लोकतंत्र का अपहरण कर लिया है.

दिग्विजय सिंह ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए. उन्होंने लिखा, "बेंगलुरु में तो BJP की सरकार है. यहां की पुलिस BJP सरकार के अधीन है. मैं यहां गांधीवादी तरीक़े से अपने विधायकों से मिलने आया हूं. मुझे तो BJP के राज में भी, उनकी पुलिस का भी डर नहीं लग रहा है. लेकिन BJP नेता कह रहे हैं कि विधायकों को डर है. तो डर किससे है? खुद BJP से न?

दिग्विजय ने कहा, "विधायक निजी नागरिक नहीं हैं. वो लाखों जनता/ वोटरों के प्रतिनिधि हैं. विधायक को अगर कोई संकट है तो संवैधानिक व्यवस्था है कि वे स्पीकर को मिलें, या सदन पटल पर बोलें या पार्टी के अधिकृत प्रतिनिधियों से कहें. अन्य कोई भी तरीक़ा लोकतंत्र का अपहरण है." 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने लिखा- लोकतंत्र का बीजेपी मॉडल: विधायक मुख्यमंत्री से बात नहीं कर सकते हैं. विधायक अपने परिवार से बात नहीं कर सकते हैं. विधायक विधानसभा अध्यक्ष से भी बात नहीं कर सकते हैं. विधायक अपने पार्टी के नेताओं से भी बात नहीं कर सकते हैं. विधायक सिर्फ नियंत्रित परिस्थितियों में बोलेंगे. इसे लोकतंत्र कहते हैं.

उन्होंने कहा कि कर्नाटक पुलिस हमें स्थानीय DCP ऑफ़िस लायी है. हमारी मांग है कि BJP की क़ैद में रह रहे हमारे विधायकों से हमें मिलने दिया जाए. जब तक हमारी मुलाक़ात अपने विधायकों से नहीं होगी, मैं अनशन की घोषणा करता हूं. हमारे देश में लोकतंत्र है, डिक्टेटरशिप नहीं.


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