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सुप्रीम कोर्ट दखल न देता तो मुजफ्फरपुर की बच्चियों को न्याय नहीं मिल पाता : पप्पू यादव

केटीए तुलसी ने एनडीटीवी से मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस को लेकर कहा कि ये होम जेल से भी बदतर

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सुप्रीम कोर्ट दखल न देता तो मुजफ्फरपुर की बच्चियों को न्याय नहीं मिल पाता : पप्पू यादव

प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली:

बिहार के सांसद पप्पू यादव ने कहा है कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले (Muzaffarpur Shelter Home Case) में सुप्रीम कोर्ट दखल न देता तो पीड़ित बच्चियों को न्याय नहीं मिल पाता. सुप्रीम कोर्ट ने आज बिहार सरकार (Bihar Govt) को कड़ी फटकार लगाई है. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले का ट्रायल दिल्ली ट्रांसफर कर दिया है. अब दिल्ली की साकेत कोर्ट में इसका ट्रायल होगा.

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस को लेकर बिहार के सांसद पप्पू यादव ने कहा है कि इसमें कई नेता शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट ने अगर दखल नहीं दिया होता तो यह केस खत्म हो जाता. बिहार में पीड़ित बच्चियों को न्याय नहीं मिलता. बिहार में शासन और लॉ एंड ऑर्डर पर कई सवाल उठ रहे हैं. छह महीने में अगर यह ट्रायल पूरा होगा तो यह बड़ी जीत होगी. पीड़ित बच्चियों को न्याय मिलेगा.

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केटीए तुलसी ने एनडीटीवी से कहा कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस को लेकर कहा कि शेल्टर होम जेल से भी बदतर हैं. वहां बच्चों का शोषण होता है. हर बुरी बात वहां हो रही है. प्रोटेक्शन की जगह वहां करप्शन हो रहा है. अब सच सामने आएगा. अगर साकेत कोर्ट छह महीने मैं फैसला करेगा तो यह कानून की बड़ी जीत होगी. बच्चों को जेल से भी बदतर हालत में रखा जा रहा था. सरकार हमेशा इस पर परदा डालने की कोशिश करती है.

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कांग्रेस के सांसद रंजीत रंजन ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस को लोक सभा में शून्य काल में उठाया. उन्होंने सभी सात शेल्टर होम के मामलों की सीबीआई जांच कराने की मांग की.  

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शरद यादव ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस को लेकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कारण छुपा हुआ है. बिहार में प्रशासन इतना लुंज-पुंज हो चुका है कि किसी भी तरह से इस जघन्य कांड में न्याय मिलना संभव नहीं होता. मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं. बिहार में आज जो हालात हैं उसमें ट्रायल चलना मुश्किल होता.



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