नरोदा गाम दंगे : अमित शाह ने किया माया कोडनानी का बचाव, कहा- वह तो विधानसभा में थीं

ANI के मुताबिक-  अमित शाह ने कोर्ट को बताया कि माया कोडनानी उस दिन राज्य विधानसभा में मौजूद थी. जहां दंगे हुए नरोदा गाम में वह नहीं थीं

नरोदा गाम दंगे : अमित शाह ने किया माया कोडनानी का बचाव, कहा- वह तो विधानसभा में थीं

अमित शाह एसआईटी के सामने पेश होने पहुंचे थे

खास बातें

  • दंगों के समय अमित शाह के साथ अस्पताल में थीं : माया
  • नरोदा पाटिया में दंगे के दौरान 11 मुस्लिमों की हत्या हुई थी
  • इस केस में माया कोडनानी को मुख्य आरोपी बनाया गया है
नई दिल्ली:

गुजरात में साल 2002 में हुए नरोदा गाम दंगे के मामले में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह आज गवाही देने अहमदाबाद की स्पेशल एसआईटी कोर्ट पहुंचे. ANI के मुताबिक-  अमित शाह ने कोर्ट को बताया कि माया कोडनानी उस दिन राज्य विधानसभा में 8.30 बजे मौजूद थी. जहां दंगे हुए नरोदा गाम में वह नहीं थीं. इसके साथ ही अमित शाह ने कहा कि इसके बाद 9.30 से 9.45 मैं सिविल अस्पताल में था और मैं वहां माया कोडनानी से मिला था. बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, मैं 28 फरवरी को सुबह 7:15 बजे अपने घर से विधानसभा के लिए निकला था. सदन की कार्यवाही सुबह 8:30 बजे शुरू होनी थी. वहां अध्यक्ष के साथ विधानसभा के सभी सदस्य सदन में मौजूद थे. माया कोडनानी भी विधानसभा में हाजिर थी. उन्होंने बताया कि गोधरा ट्रेन कांड में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई थी. विधानसभा अध्यक्ष के साथ बाकी सदस्य सदन में मौजूद थे.

गौरतलब है कि मामले में मुख्य आरोपी और पूर्व विधायक माया कोडनानी की अपील पर कोर्ट ने अमित शाह को समन जारी किया गया था. कोडनानी के मुताबिक- जिस वक्त नरोदा गाम में दंगे हो रहे थे वह अमित शाह के साथ अहमदाबाद के शोला सिविल अस्पताल में मौजूद थीं. कोडनानी के इसी बयान पर कोर्ट ने अमित शाह को बतौर गवाह बयान देने के लिए हाजिर होने के लिए कहा था.

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नरोदा गाम दंगे के दौरान 11 मुस्लिमों की हत्या हुई थी, जिसमें कोडनानी को मुख्य आरोपी बनाया गया था. केस में कोर्ट पहले ही कोडनानी को आजीवन कारावास की सज़ा सुना चुका है, हालांकि कोडनानी के खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर जमानत पर रिहा हैं.

इससे पहले की सुनवाई में विशेष एसआईटी अदालत ने पूर्व बीजेपी मंत्री माया कोडनानी को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का पता ढूंढने के लिए और चार दिन दिए थे, क्योंकि वह नरोदा गाम नरंसहार मामले में अपने बचाव में उन्हें अदालत में पेश करवाना चाहती हैं. कोडनानी ने अदालत से कहा था कि वह उनका पता नहीं ढूंढ पाई, जिस पर अदालत का समन पहुंचाया जा सके.

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अदालत ने 4 सितंबर को उन्हें अमित शाह का पता ढूंढने के लिए 8 सितंबर तक का वक्त दिया था, लेकिन कोडनानी के वकील ने और समय की मांग की थी. इस पर कोर्ट ने कोडनानी के वकील को और चार दिन देते हुए मामले की अगली सुनवाई की तारीख 12 सितंबर तय की थी.

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सुप्रीम कोर्ट ने तीन सप्ताह पहले विशेष एसआईटी अदालत से कहा कि वह मामले की सुनवाई चार महीने के भीतर पूरी करे. तत्कालीन प्रधान न्यायमूर्ति जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने निचली अदालत से कहा कि वह दो महीने के भीतर गवाहों का बयान दर्ज करने का काम पूरा करे. नरोदा गाम मामला 2002 में हुए नौ बड़े सांप्रदायिक दंगों के मामलों में से एक है जिनकी जांच सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल ने की है.

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गोधरा ट्रेन अग्निकांड के एक दिन बाद 28 फरवरी, 2002 को नरोदा गाम में 11 मुसलमानों को मार डाला गया था. इस मामले में कुल 82 लोगों के खिलाफ सुनवाई हो रही है. कोडनानी को नरौदा पाटिया दंगा मामले में दोषी करार देते हुए 28 साल कैद की सजा सुनायी गयी है.