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नाथूराम गोडसे और रावण महापुरुष! पत्रकारिता की किताब पर मध्यप्रदेश विधानसभा में हंगामा

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नाथूराम गोडसे और रावण महापुरुष! पत्रकारिता की किताब पर मध्यप्रदेश विधानसभा में हंगामा

पत्रकारिता विश्वविद्यालय में पढ़ाई जा रही एक पुस्तक में नाथूराम गोडसे और रावण को महापुरुष बताने पर मध्यप्रदेश विधानसभा में हंगामा हुआ.

खास बातें

  1. पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में पढ़ाई जा रही पुस्तक
  2. शोधछात्र ने अपने शोधपत्र में नाथूराम गोडसे को महापुरुष बताया
  3. विवि के रेक्टर ने कहा, 'नाथूराम गोंड' को गोडसे समझ लिया गया
भोपाल: पत्रकारिता के विद्यार्थियों को पढ़ाई जाने वाली एक किताब में नाथूराम गोडसे और रावण को महापुरुष बताया गया है. इस मुद्दे को लेकर गुरुवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में भारी हंगामा हुआ. विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को निशाना बनाया.   भोपाल में स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में यह पुस्तक पढ़ाई जा रही है. नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सदन में यह भी बताया कि इस यूनिवर्सिटी के एक शोधछात्र ने अपने शोधपत्र में नाथूराम गोडसे को महापुरुष बताया है.

पत्रकारिता के छात्रों को पढ़ाई जा रही उक्त किताब की लेखक मोनिका वर्मा और सुरेंद्र पाल हैं. पुस्तक में लिखा है कि महात्मा गांधी का हत्यारा नाथूराम गोडसे और सीता का हरण करने वाला रावण महापुरुष थे. गुरुवार को विधानसभा में यह मुद्दा विपक्षी कांग्रेस ने उठाया. नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने पत्रकारिता विश्वविद्यालय में पढ़ाई जा रही इस पुस्तक का हवाला देते हुए कहा कि इसमें गोडसे और रावण को महापुरुष बताया गया है. अजय सिंह ने कहा कि इतना ही नहीं, इसी विश्वविद्यालय के एक शोधछात्र ने अपने शोधपत्र में नाथूराम गोडसे को महापुरुष बताया है. इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और सत्तापक्ष के सदस्यों के बीच जमकर नोक-झोंक हुई.

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कांग्रेस ने बुधवार को सदन में राज्य के विश्वविद्यालयों में एमए में पढ़ाई जाने वाली किताब 'भारत का भूगोल' में गोंड जनजाति को गाय मारने वाला और गाय का मांस खाने वाला बताए जाने का मामला उठाया था. गुरुवार को जब कांग्रेस ने फिर यह मुद्दा उठाया तो उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने सफाई दी. उन्होंने बताया कि सरकार ने प्रकाशक के खिलाफ कार्रवाई के लिए अफसरों को पत्र लिखा है. जयभान पवैया जब जवाब दे रहे थे, तब कांग्रेस के विधायकों ने उन्हें बीच में टोका. इस पर पवैया ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में क्या-क्या होता रहा है, यह सभी जानते हैं. उन्होंने एनसीईआरटी की किताबों का हवाला दिया. किताबों में गलत तथ्य दिए जाने के मुद्दे पर विधानसभा में देर तक हंगामा चलता रहा.

जब माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव (रेक्टर) लाजपत आहूजा से एक शोध छात्र द्वारा अपने शोधपत्र में नाथूराम गोडसे को महापुरुष बताए जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "जनजातियों पर एक शोधकार्य हुआ है, जिसमें संबंधित वर्ग से पूछा गया कि उनका महापुरुष कौन है, तो एक व्यक्ति ने अपना महापुरुष 'नाथूराम गोंड' को बताया है, न कि गोडसे को. यही बात शोधपत्र में प्रकाशित की गई है.
(इनपुट आईएएनएस से)


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