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वीरता पुरस्कार : ट्रेन तेजी से आ रही थी और ट्रैक पर साइकिल से दबा पड़ा था सेबासटियन का दोस्त

केरल के 12 साल के सेबासटियन विनसेंट ने तेजी से दिमाग का उपयोग करके अपनी जान को जोखिम में डालकर दोस्त का जीवन बचाया

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वीरता पुरस्कार : ट्रेन तेजी से आ रही थी और ट्रैक पर साइकिल से दबा पड़ा था सेबासटियन का दोस्त
नई दिल्ली: केरल के स्कूल छात्र सेबासटियन विनसेंट ने आसन्न संकट से न घबराते हुए अपने दिमाग का तेजी से उपयोग किया और अपने दोस्त का जीवन बचा लिया. उसका दोस्त रेलवे ट्रैक पर गिर गया था और साइकिल के नीचे दबा हुआ था. सामने से मौत बनकर धड़धड़ाती हुई ट्रेन आ रही थी.   

इस वीर बालक सेबासटियन को 24 जनवरी को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा.

यह घटना 19 जुलाई 2016 की है. सुबह-सुबह सेबासटियन विनसेंट और उसके दोस्त साइकिल से स्कूल जा रहे थे. जब वे एक रेलवे क्रासिंग को पार कर रहे थे तब उसके एक दोस्त अभिजीत का जूता रेलवे ट्रैक में फंस गया. इससे वह साइकिल और स्कूल बैग के साथ ट्रैक पर गिर गया. तभी बच्चों ने देखा कि एक रेलगाड़ी तेज गति से आ रही है. सभी बच्चे घबरा गए और वहां से भागने लगे. लेकिन सेबासटियन विनसेंट ने खतरे का सामना करते हुए अपने दोस्त को बचाने का प्रयास किया.

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सेबासटियन ने पहले उसने अभिजीत के ट्रैक से हटने के लिए कहा, लेकिन उसने देखा कि वह साइकिल के भार के कारण उठ नहीं पा रहा. इस बर बिना एक क्षण गंवाए सेबासटियन ट्रैक पर कूदा और साइकिल को धक्का दिया. इसके बाद उसने अभिजीत को खड़ा किया लेकिन वह हिम्मत हारकर फिर गिर गया.

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इसके बाद सेबासटियन ने तेजी से पूरी ताकत लगाकर अभिजीत को ट्रैक से दूर धकेला और स्वयं भी ट्रेन के आने से पहले कलाबाजी लगाते हुए ट्रैक से दूर जा गिरा. इस घटना में सेबासटियन के दांए हाथ की हड्डी टूट गई. सेबासटियन ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपने दोस्त का जीवन बचाया.


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