'राजनीतिक बदले की कार्रवाई': फारुख अब्‍दुल्‍ला से ED की पूछताछ पर नेशनल कॉन्‍फ्रेंस की प्रतिक्र‍िया

82 साल के फारुख को जांच एजेंसी ने 5 अगस्‍त से पहले समन किया था जब केंद्र सरकार ने जम्‍मू-कश्‍मीर का धारा 370 के तहत दिया गया विशेष दर्जा समाप्‍त कर दिया था और इसे दो केंद्र शासित क्षेत्रों में बॉट दिया था. 

'राजनीतिक बदले की कार्रवाई': फारुख अब्‍दुल्‍ला से ED की पूछताछ पर नेशनल कॉन्‍फ्रेंस की प्रतिक्र‍िया

फारुख अब्‍दुल्‍ला से प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को पूछताछ की

खास बातें

  • जेएंडके क्रिकेट एसो. की कथित गड़बड़ी मामले में पूछताछ
  • नेशनल कॉन्‍फ्रेंस ने कहा, गुपकर घोषणापत्र के बाद उठाया गया कदम
  • यह राजनीतिक बदले के इरादे से की गई कार्रवाई है
नई दिल्‍ली:

नेशनल कॉन्‍फ्रेंस के वरिष्‍ठ नेता फारुख अब्‍दुल्‍ला (Farooq Abdullah) से सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने जम्‍मू एंड कश्‍मीर क्रिकेट एसोसिएशन से संबंधित कथित अनियमितता मामले में पूछताछ की. नेशनल कॉन्‍फ्रेंस (National Conference)ने इस पूछताछ को फारुक की ओर से हाल ही में जम्‍मू एंड कश्‍मीर का विशेष दर्जा बहाल करने के लिए राज्‍य की सभी पार्टियों को एक साथ लाने से जोड़ा है. दरअसल, बीसीसीआई ने साल 2002 से 2011 के बीच राज्य में क्रिकेट सुविधाओं के विकास के लिए 112 करोड़ रुपये दिए थे. आरोप है कि इस रकम में से 43.69 करोड़ रुपये का गबन किया गया. इस मामले में जांच एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के तत्कालीन अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला, तत्कालीन महासचिव मोहम्मद सलीम खान, तत्कालीन कोषाध्यक्ष अहसान अहमद मिर्जा और जेएंडके बैंक के एक कर्मचारी बशीर अहमद मिसगर पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए थे. इसके बाद ED ने भी मनी लांड्रिंग की धाराओ के तहत तफ्तीश शुरू की थी. नेशनल कॉन्‍फ्रेंस के प्रवक्‍ता ने सोमवार को कहा, 'ईडी का लेटर गुपकर घोषणापत्र  (Gupkar declaration)के बाद आया है. यह साफ है कि कश्‍मीर में पीपुल्‍स अलायंस के गठन के बाद यह राजनीतिक बदले के इरादे से की गई कार्रवाई है.' 

जम्मू-कश्मीर में बने पार्टियों के गठबंधन में फारुख अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती शामिल

पार्टी ने कहा, ''हम जानते थे कि ऐसा होने वाला है.' पार्टी ने कहा कि केंद्र में सत्‍तारूढ़ बीजेपी अपनी एजेंसियों का इस्‍तेमाल नई सियासी गठबंधन से लड़ने के लिए कर रही है क्‍योंकि यह राजनीतिक तौर पर इसका सामना नहीं कर सकती. 82 साल के फारुक को जांच एजेंसी ने 5 अगस्‍त से पहले समन किया था जब केंद्र सरकार ने जम्‍मू-कश्‍मीर का धारा 370 के तहत दिया गया विशेष दर्जा समाप्‍त कर दिया था और इसे दो केंद्र शासित क्षेत्रों में बॉट दिया था. 

इस कदम के बाद फारुख, उनके बेटे उमर अब्‍दुल्‍ला और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती सहित सूबे के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था, इन्‍हें पब्लिक सेफ्टी एक्‍ट के तहत हिरासत में लिया गया. जहां फारुख और उमर को इस वर्ष की शुरुआत में रिहा कर दिया गया, वहीं पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती को पिछले सप्‍ताह मंगलवार को रिहा किया गया था. इसके तुरंत बाद फारुख, उमर, महबूबा, सज्‍जाद लोन और राज्‍य के अन्‍य नेता गुरुवार को साथ नजर आए थे और कश्‍मीर में आर्टिकल 370 की बहाली के लिए पीपुल्‍स अलायंस फॉर गुपकर डिक्‍लेयरेशन' का गठन किया था.

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