हिंद महासागर में दिखे चीनी सेना के 7 युद्धपोत, भारतीय नौसेना के टोही विमान और सर्विंलांस ने किया हरकतों को कैद

सूत्रों के मुताबिक भारतीय समुद्र क्षेत्र में इनकी मौजूदगी पर लगातार नजर रख जा रही है कहीं कि यह भारत के आर्थिक जोन, जल क्षेत्र के नजदीक तो नहीं आ रहे हैं.

हिंद महासागर में दिखे चीनी सेना के 7 युद्धपोत, भारतीय नौसेना के टोही विमान और सर्विंलांस ने किया हरकतों को कैद

चीनी नौसेना की हरकतों पर लगातार भारतीय नेवी नजर रख रही है

नई दिल्ली:

भारतीय नौसेना ने सर्विंलांस सिस्टम और अमेरिकी पी-8आई एंटी सबरीन वारफेयर स्पाई प्लेन की मदद से  हिंद महासगार इलाके में चक्कर लगा रहे चीन की सेना के 7 नेवी वारशिपों की हरकतों को  पकड़ा है. न्यूज एजेंसी एएनआई ने चीनी नेवी के इन जहाजों की तस्वीरें भी जारी की हैं. सूत्रों के मुताबिक इनकी मौजूदगी पर लगातार नजर रख जा रही है. आपको बता दें कि चीन के इन 7 वारशिपों में तीन समुद्री डाकुओं के लिए तैनात किए जाने वाले जहाज शामिल हैं जिन्हें अदन की खाड़ी में तैनात किया जाना है. चीन अदन की खाड़ी में किसी भी समय 'एंटी पाइरेसी ड्रिल्स' के तहत 6- 7 वारशिप तैनात करता रहता है. 

हालांकि चीन की ओर से की जा रही इस हरकत को  समुद्री क्षेत्र में उसके शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है. वह इलाके में अपना प्रभुत्व स्थापित करना चाहता है क्योंकि इस समुद्री इलाके से उसके व्यापार का बहुत बड़ा हिस्सा चलता है. इसी के चलते वह इस क्षेत्र में एयरक्राफ्ट करियर को भी भविष्य में तैनात करने की तैयारी कर रहा है. इसके अलावा चीन की नेवी ने डिजबौटी में एक बेस भी तैयार किया है ताकि वह यहां से ऑपरेशन को अंजाम दे सके.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

वहीं भारतीय सेना की बात करें तो उसके पास आईएनएस विक्रमादित्य एयरक्राफ्ट अभी काम कर रहा है और दूसरा अभी कोचीन शिपयार्ड में अभी बनाया जा रहा है. भारतीय नेवी तीसरा एयरक्राफ्ट भी बनाना चाहती है जो कि 60,000 टन का होगा. सूत्रों का कहना है कि नेवी कम से दो एयरक्राफ्ट को चालू हमेशा तैयार रखना चाहती है और यह तभी संभव है जब उसके पास कम से कम तीन हों. साल 2008 से एंटी-पाइरेसी अभियान के नाम पर  चीन लगतार भारतीय समुद्र में दखल दे रहा है.