मालदीव में फंसे 698 भारतीयों को लेकर नौसेना का युद्धपोत आईएनएस जलाश्व कोच्चि के लिए रवाना

कोरोना की वजह से मालदीव में फंसे 698 भारतीयों को लेकर नौसेना का युद्धपोत आईएनएस जलाश्व माले से कोच्चि के लिये रवाना हो गया है. 698 यात्रियों में 19 गर्भवती महिलाएं और 14 बच्चे शामिल हैं.

मालदीव में फंसे 698 भारतीयों को लेकर नौसेना का युद्धपोत आईएनएस जलाश्व कोच्चि के लिए रवाना

युद्धपोत पर राहत के साथ-साथ चिकित्सा सामग्री भी है ताकि किसी भी आपात हालात से निपटा जा सके.

नई दिल्ली:

कोरोना की वजह से मालदीव में फंसे 698 भारतीयों को लेकर नौसेना का युद्धपोत आईएनएस जलाश्व माले से कोच्चि के लिये रवाना हो गया है. 698 यात्रियों में 19 गर्भवती महिलाएं और 14 बच्चे शामिल हैं. युद्धपोत में पहले गर्भवती महिलाओं और बच्चों को चढ़ाया गया. इसमें 595 पुरुष और 103 महिलाएं हैं. यह युद्धपोत 10 मई को कोच्चि पहुंचेगा.  दूसरा युद्धपोत आईएनएस मगर भी माले के रास्ते में है. वह भी माले से 250 से 300 यात्रियों को लेकर भारत आएगा. इससे पहले माले पहुंचने पर आईएनएस जलाश्व युद्धपोत को पूरी तरह से सेनेटाइज किया गया. ऐसे व्यवस्था की गई जिसमें लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आ सकें. 

युद्धपोत पर राहत के साथ-साथ चिकित्सा सामग्री भी है ताकि किसी भी आपात हालात से निपटा जा सके. सोशल डिस्टेंसिग और मेडिकल सुविधा की वजह से पहली खेप में नौसेना केवल करीब 1,000 लोगों को माले से लेकर आएगी. वैसे मालदीव में करीब 3,500 भारतीय लोग फंसे हैं. विदेशों में फंसे भारतीयों को निकलने के लिये नौसेना ने ऑपरेशन समुद्र सेतु लांच किया है. इस काम मे फिलहाल दो युद्धपोत को तैनात किया गया है लेकिन नौसेना का कहना है कि उसके कई युद्धपोत विदेशों में फंसे लोगो को लाने के लिये तैयार हैं. जब भी सरकार से हरी झंडी मिलेगी वो अपने युद्धपोत में लोगो को सुरक्षित लेकर आएंगे. 

बता दें कि कोरोनावायरस के चलते दुनियाभर के कई देशों में लॉकडाउन लगाया गया है. भारत में लॉकडाउन का तीसरा चरण चल रहा है. भारत सरकार अन्य राज्यों में फंसे हुए लोगों को उनके गृहराज्यों तक पहुंचाने के लिए स्पेशल ट्रेनें चला रही है. इतना ही नहीं, सरकार ने दूसरे देशों में फंसे हुए भारतीयों को भी वापस लाने के लिए मिशन 'वंदे भारत' और ऑपरेशन 'समुद्र सेतु' चलाया है. 

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