सरकार ने कहा, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु 1945 में हुई, नेताजी के परपोते हुए नाराज़

कांग्रेस ने राजग सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह फिर से इतिहास लिखने की कोशिश कर रही है.

सरकार ने कहा, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु 1945 में हुई, नेताजी के परपोते हुए नाराज़

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का फाइल फोटो...

खास बातें

  • कांग्रेस ने राजग सरकार पर निशाना साधा.
  • नेताजी के परपोते चंद्र बोस ने सरकार के बयान को खारिज किया.
  • केंद्र सरकार को ऐसे भ्रामक बयानों पर माफी मांगनी चाहिए- चंद्र बोस
नई दिल्ली/कोलकाता:

नेताजी की मौत से जुड़े विवाद के बीच सरकार ने बुधवार को कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का 1945 में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था. वहीं, नेताजी के परपोते और भाजपा नेता चंद्र बोस ने नेताजी के निधन पर केंद्र सरकार के बयान को खारिज करते हुए उनके लापता होने के पीछे के सच का पता लगाने के लिए विशेष जांच दल गठित करने की मांग की है. उधर, कांग्रेस ने राजग सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह फिर से इतिहास लिखने की कोशिश कर रही है.

कोलकाता के एक निवासी द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में गृह मंत्रालय ने कहा कि नेताजी की मौत की जांच करने वाली विभिन्न समितियों की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद सरकार इस नतीजे पर पहुंची है कि नेताजी की मौत विमान हादसे में हुई. बहुत से लोगों का मानना था कि नेताजी इस हादसे में बच गए थे.

मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा कि शाहनवाज समिति, न्यायमूर्ति जीडी खोसला आयोग और न्यायमूर्ति मुखर्जी जांच आयोग की रिपोर्ट पर विचार के बाद सरकार इस नतीजे पर पहुंची कि विमान हादसे में उनकी मौत हो गई थी.

उसने उन खबरों को भी खारिज कर दिया कि 1897 में पैदा हुए बोस 'गुमनामी बाबा' के भेष में रहे. मंत्रालय के जवाब में कहा गया, 'मुखर्जी आयोग इस नतीजे पर पहुंचा कि गुमनामी बाबा नेताजी सुभाष चंद्र बोस नहीं थे'. गृह मंत्रालय की वेबसाइट एमएचए.एनआईसी.आईएन और मुखर्जी आयोग की रिपोर्ट की पृष्ठ संख्या 114-122 पर गुमनामी बाबा और
भगवानजी के बारे में जानकारी उपलब्ध है.

वहीं, कोलकाता में चंद्र बोस ने कहा, 'मैं केंद्र सरकार से उस अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग करता हूं, जिसने इतना गैर जिम्मेदाराना जवाब दिया. बिना किसी ठोस साक्ष्य के सरकार नेताजी की मौत के बारे में किसी नतीजे पर कैसे पहुंच सकती है?' भाजपा की बंगाल इकाई के उपाध्यक्ष बोस ने कहा, 'केंद्र सरकार को ऐसे भ्रामक बयानों पर माफी मांगनी चाहिए और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के गायब होने के रहस्य का सच सामने लाने के लिए विशेष जांच दल गठित करना चाहिए'. 

उधर, कांग्रेस ने भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार पर इतिहास को नए सिरे से लिखने के ठोस प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के निधन से जुड़ा नया विवाद छेड़ दिया है और उसे माफी मांगनी चाहिए.

कांग्रेस पार्टी ने ट्विटर पर कहा, 'भाजपा ने नेताजी के निधन से जुड़ा नया विवाद छेड़ दिया है. इसने सूचना के अधिकार के जरिए सरकार की सही स्थिति का खुलासा किया'. कांग्रेस प्रवक्ता अजय कुमार ने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े नेताओं को बदनाम करने का ठोस प्रयास हो रहा है फिर चाहे वह जवाहर लाल नेहरू हों, सरदार पटेल या महात्मा गांधी.

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उन्होंने कहा, 'भाजपा द्वारा इतिहास को फिर से लिखने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है. भाजपा और संघ के 'डर्टी ट्रिक्स डिपार्टमेंट' ने नेताजी की मौत के बारे में एक कहानी रची है'.

(इनपुट भाषा से)