फांसी के वक्त तिहाड़ जेल के बाहर लगे 'मुर्दाबाद' के नारे - आखिर किसके खिलाफ उठी थी आवाज?

तिहाड़ जेल के बाहर शुक्रवार को तड़के ही बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए थे और निर्भया सामूहिक बलात्कार तथा हत्या के मामले के चारों दोषियों को फांसी दिए जाने के बाद, भीड़ ने 'निर्भया अमर रहे' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए.

फांसी के वक्त तिहाड़ जेल के बाहर लगे 'मुर्दाबाद' के नारे - आखिर किसके खिलाफ उठी थी आवाज?

फांसी दिए जाने के बाद, भीड़ ने 'निर्भया अमर रहे' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए- फाइल फोटो

नई दिल्ली:

निर्भया सामूहिक बलात्कार तथा हत्या के मामले के चारों दोषियों को फांसी दिए जाने के बाद तिहाड़ जेल के बाहर शुक्रवार को तड़के सुबह बड़ी संख्या में लोग इकठ्ठे हो गए थे और भीड़ ने 'निर्भया अमर रहे' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए. इस दौरान तिहाड़ जेल के बाहर मुर्दाबाद के नारे भी लगाया जाने लगा. जब गौर से सुना गया तो यह नारा दोषियों के वकील एके सिंह के खिलाफ थी. लोग 'एके सिंह मुर्दाबाद' के नारे लगा रहे थे. लोगों में आक्रोश इस बात का था, क्योंकि वह दोषियों को बचाने के लिए आधी रात तक कोर्ट में दौड़ लगाते रहे. फांसी पर लटकाए जाने से पहले दोषियों ने फांसी से बचने के लिए अपने सभी कानूनी विकल्पों का पूरा इस्तेमाल किया और वकील एके सिंह आखिर तक कोशिश करते रहे, लेकिन निर्भया को आखिरकार इंसाफ मिला.

बता दें कि चारों दोषियों को तिहाड़ जेल संख्या तीन में सुबह साढ़े पांच बजे फांसी पर लटकाया गया. इस जेल के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी. बाहर एकत्र हुए लोगों में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना के हाथ में एक पोस्टर था जिसमें लिखा था ‘‘निर्भया को न्याय मिला. अन्य बेटियों का इंतजार अभी जारी है.'' योगिता ने कहा ‘‘अंतत: न्याय मिल गया. यह पूरी न्याय प्रणाली की जीत है.'' दोषियों को फांसी के बाद कुछ लोगों ने एक दूसरे को मिठाई भी खिलाई. लोग हाथों में तिरंगा लिए हुए थे जिन्हें लहराते हुए उन्होंने ‘‘निर्भया अमर रहे'' और ‘‘भारत माता की जय'' के नारे लगाए.

निर्भया के परिवार से संबद्ध आकाश दीप ने कहा कि वह सात साल तक चली लंबी कानूनी लड़ाई की जीत का गवाह बनने के लिए यहां आए हैं. उन्होंने कहा ‘‘यह मुश्किल लड़ाई थी. लेकिन आज न्याय की जीत हुई.''

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बता दें कि दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को एक महिला के साथ हुए सामूहिक बलात्कार एवं हत्या के मामले के चारों दोषियों को शुक्रवार की सुबह साढ़े पांच बजे फांसी दे दी गई. जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने यह जानकारी दी. पूरे देश की आत्मा को झकझोर देने वाले इस मामले के चारों दोषियों... मुकेश सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को सुबह साढ़े पांच बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी गई. दक्षिण एशिया के सबसे बड़े जेल परिसर तिहाड़ जेल में पहली बार चार दोषियों को एक साथ फांसी दी गई.

चारों दोषियों ने फांसी से बचने के लिए अपने सभी कानूनी विकल्पों का पूरा इस्तेमाल किया और बृहस्पतिवार की रात तक इस मामले की सुनवाई चली. सामूहिक बलात्कार एवं हत्या के इस मामले के इन दोषियों को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद तीन बार सजा की तामील के लिए तारीखें तय हुईं लेकिन फांसी टलती गई. अंतत: आज सुबह चारों दोषियों को फांसी दे दी गई. (इनपुट भाषा से भी)