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रक्षामंत्री बनने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर पहुंचेंगी निर्मला सीतारमण, सीमा पर चौकियों का करेंगी दौरा

सूत्रों के मुताबिक, सीतारमण घाटी में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर अग्रिम चौकियों, भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) और सियाचिन ग्लेशियर का दौरा करेंगी.

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रक्षामंत्री बनने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर पहुंचेंगी निर्मला सीतारमण, सीमा पर चौकियों का करेंगी दौरा

निर्मला सीतारमण आज से जम्मू-कश्मीर के दौरे पर

खास बातें

  1. रक्षामंत्री बनने के बाद पहला जम्मू-कश्मीर दौरा
  2. सियाचिन ग्लेशियर भी जाएंगी : सूत्र
  3. सीमा से लगी चौकियों का भी करेंगी दौरा
श्रीनगर: रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार से जम्मू एवं कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर हैं. वह इस दौरान सीमाओं पर सैनिकों की तैयारियों और दूरवर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा की समीक्षा करेंगी. रक्षा मंत्रालय का पद्भार संभालने का बाद यह उनका जम्मू एवं कश्मीर का पहला दौरा है.

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सूत्रों के मुताबिक, सीतारमण घाटी में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर अग्रिम चौकियों, भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) और सियाचिन ग्लेशियर का दौरा करेंगी. सूत्रों के मुताबिक, सीतारमण के साथ इस दौरे पर सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत भी जा सकते हैं. वह घाटी में सुरक्षा स्थिति का भी जायजा लेंगी.

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इससे पूर्व  रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए भारतीय नौसेना की जहाजों के लिए स्वदेशी सोनार खरीदने और मिसाइल खरीदने के लिए 200 करोड़ रुपये मूल्य की एक परियोजना को मंजूरी दे दी. सीतारमण के रक्षामंत्री बनने के बाद परिषद की यह पहली बैठक थी.मंत्री ने हर पखवाड़े डीएसी की बैठक आयोजित करने का फैसला किया है. डीएसी रक्षा अधिग्रहण का निर्णय लेने वाली मंत्रालय की सर्वोच्च संस्था है. रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि डीएसी ने बुधवार को भारतीय नौसेना के लिए उन्नत सोनार खरीदने की जरूरत को मंजूरी दी.

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इन सोनार को डीआरडीओ और नवल फिजिकल व ओसेनोग्राफिक लैबोरेटरी ने घरेलू स्तर पर डिजाइन व विकसित किया है. मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है, इससे नौसेना की पनडुब्बी रोधी युद्धक क्षमताओं को विशेष रूप से बढ़ावा मिलेगा.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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