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कारोबार स्थापित करने के सर्वे पर नीति आयोग ने झाड़ा पल्ला, कहा- यह सर्वे सरकार का विचार नहीं

कारोबार सुगमता पर एक सर्वे में कहा गया है कि भारत में कारोबार स्थापित करने में अधिक समय लगता है.

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कारोबार स्थापित करने के सर्वे पर नीति आयोग ने झाड़ा पल्ला, कहा- यह सर्वे सरकार का विचार नहीं

एक सर्वे में कहा गया है कि भारत में कारोबार स्थापित करने में अधिक समय लगता है

खास बातें

  1. भारत में कारोबार स्थापित करने में औसतन 118 दिन लग जाते हैं- सर्वे
  2. भारत में कारोबार स्थापित करने में 26 दिन का समय लगता है-विश्व बैंक
  3. सर्वे पर नीति आयोग ने खुद को किया अलग, बताया शोध दस्तावेज
नई दिल्ली: यह तो साफ है कि भारत में कोई भी कारोबार स्थापित करने के लिए किसी भी कारोबारी को एड़ी से चोटी तक के जोर लगाने पड़ जाते हैं. सरकारी सिस्टम की जटिलताओं को सुलझाते-सुलझाते काफी समय बीत जाता है. एक सर्वे के अनुसार, भारत में कारोबार स्थापित करने में औसतन 118 दिन लग जाते हैं. इस सर्वे पर सरकार की  जमकर खिंचाई हो रही है.  

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नीति आयोग ने साफ कर दिया है कि कारोबार सुगमता स्थिति पर सर्वे सरकार का विचार नहीं है बल्कि यह एक शोध दस्तावेज है. कारोबार सुगमता पर एक सर्वे में कहा गया है कि भारत में कारोबार स्थापित करने में अधिक समय लगता है. यह पिछले अनुमान में लगाए गए समय से अधिक है. इसी के मद्देनजर आयोग ने स्पष्टीकरण दिया है.

आयोग ने कहा है कि इस रिपोर्ट में ही कहा गया है कि यह एक शोध दस्तावेज है और यह भारत सरकार या नीति आयोग का विचार नहीं है. सर्वे में कहा गया है कि भारत में कारोबार स्थापित करने में औसतन 118 दिन का समय लगता है. यह निष्कर्ष विश्व बैंक की रिपोर्ट से काफी अलग है. विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2016 में भारत में कोई कारोबार स्थापित करने में सिर्फ 26 दिन का समय लगता था.

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इस रिपोर्ट के लिए नीति आयोग की काफी खिंचाई हो रही है. आयोग ने बयान में कहा है कि यह उपक्रम सर्वे है जो संयुक्त रूप से आईडीएफसी इंस्टीट्यूट के साथ किया गया है.

विश्व बैंक का कारोबार सुगमता सर्वे में भारत को 130वां स्थान दिया गया है. यह सिर्फ दिल्ली और मुंबई पर केंद्रित है. वहीं नीति-आईडीएफसी का सर्वे देशभर में फैले 3,276 विनिर्माण उपक्रमों पर आधारित है. आयोग ने कहा कि हालिया वर्षों में कारोबार सुगमता को लेकर काफी प्रगति हुई है. वहीं उपक्रमों की इस पर प्रतिक्रिया उनके पूर्व के अनुभवों पर आधारित है. इनमें से कुछ ने तो दस साल या उससे भी पुराने अपने अनुभवों के आधार पर धारणा बनाई है.

(इनपुट भाषा से)


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