नीतीश ने साफ़ कह दिया कि मेरे बाद तो आरसीपी सिंह ही हैं 

माना जाता हैं कि देर-सबेर जब भी जनता दल यूनाइटेड केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होंगी तो आरसीपी का केंद्रीय मंत्री बनना तय हैं.

नीतीश ने साफ़ कह दिया कि मेरे बाद तो आरसीपी सिंह ही हैं 

आरसीपी ऐसे भी पार्टी में नम्बर दो माने जाते हैं.

पटना:

बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार (Nitish Kumar) का राजनीतिक उतराधिकारी राज्यसभा में संसदीय दल के नेता रामचंद्र प्रसाद सिंह (RCP Singh) हैं . ये कहना हैं ख़ुद नीतीश कुमार का, जिन्होंने गुरुवार शाम पार्टी कार्यालय में नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के दौरान ये बात कही कि उनके बाद सब कुछ आरसीपी जी ही देखेंगे .

ये पहला मौक़ा था कि नीतीश कुमार ने दो टूक शब्दों में अपने बाद पार्टी में कौन उनका राजनीतिक वारिस होगा उसके बारे में साफ़ साफ़ संकेत दे दिया . हालांकि आरसीपी ऐसे भी पार्टी में नम्बर दो माने जाते हैं . क्योंकि जब पार्टी कि वर्चुअल बैठक का दौर जून महीने में चल रहा था, तब लोकसभा में संसदीय दल के नेता राजीव रंजन उर्फ़ ललन सिंह के मौजूद रहने के बाबजूद भाषण देने का जो क्रम बनता था, उसमें नीतीश कुमार से पहले आरसीपी सिंह भाषण देते थे . और माना जाता हैं ऐसा प्रोटकाल को नीतीश कुमार के निर्देश पर पालन किया जाता था.

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दिल्ली में भी नीतीश कुमार के सारे काम चाहे वो निजी काम हो या महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्य, सबमें अब सालों से आरसीपी सिंह की एक अहम भूमिका होती हैं  इसके अलावा सीटों का बंटवारा हो या पार्टी में प्रत्याशियों का चयन नीतीश, आरसीपी सिंह के ऊपर सबसे अधिक भरोसा करते हैं.


हालांकि पार्टी में पिछले साल कार्यकर्ताओं की रैली में भीड़ जुटाने में वो बहुत सफल नहीं रहे थे. आरसीपी पिछले दो टर्म से राज्यसभा के सदस्य हैं .वो पहली बार 2010 में राज्यसभा गये थे और उसके बाद 2016 में फिर से उन्हें नीतीश कुमार ने भेजा था.

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माना जाता हैं कि देर-सबेर जब भी जनता दल यूनाइटेड केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होंगी तो आरसीपी का केंद्रीय मंत्री बनना तय हैं. नीतीश और आरसीपी की पहचान उनके रेल मंत्री के कार्यकाल से हैं, जब वह उनके निजी सचिव थे और इसके बाद जब नीतीश मुख्यमंत्री बने तो वह पांच वर्षों तक उनके प्रधान सचिव रहे. आरसीपी ना केवल नीतीश की जाति से हैं, बल्कि वह नीतीश कुमार के परिवार के भी ख़ास हैं .