प्रशांत किशोर की BJP पर बयानबाजी के बीच नीतीश कुमार ने कहा, 'सब ठीक है'

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच गठबंधन के बारे में कहा, 'सब ठीक है'. नीतीश कुमार का यह बयान ऐसे समय आया है. जब जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर और बीजेपी नेता आपस में एक दूसरे से भिड़े हुए हैं.

खास बातें

  • प्रशांत किशोर और बीजेपी के बीच बयानबाजी
  • नीतीश कुमार ने कहा- सब ठीक है
  • बयान के कई मायने
नई दिल्ली:

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच गठबंधन के बारे में कहा, 'सब ठीक है'. नीतीश कुमार का यह बयान ऐसे समय आया है. जब जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर और बीजेपी नेता आपस में एक दूसरे से भिड़े हुए हैं. प्रशांत किशोर ने NDTV से खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने चुनाव में सीटों के बंटवारे से लेकर NRC पर अपनी  पार्टी के स्टैंड पर बात की. सीट बंटवारे को लेकर किशोर ने रविवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी को सीटों के बंटवारे को लेकर JDU के प्रस्ताव पर जरूर विचार करना चाहिए. मुझे लगता है कि जेडीयू को आगामी चुनाव में 50 फीसदी से ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बीजेपी से सीट बंटवारे को लेकर अनुपात 1 बटे 1.3 या 1.4 ही रहेगा. उन्होंने एनआरसी को लेकर भी अपनी पार्टी का स्टैंड साफ किया. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने पहले ही साफ कर दिया है कि हमारी पार्टी राज्य में एनआरसी लागू नहीं करेगी. उधर, सीटों के बंटवारें को लेकर प्रशांत किशोर के बयान पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. 

सबसे पहले बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि 2020 का विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाना तय है. सीटों के तालमेल का निर्णय दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व समय पर करेगा. कोई समस्या नहीं है. इसके बाद प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए सुशील मोदी ने कहा कि लेकिन जो लोग किसी विचारधारा के तहत नहीं, बल्कि चुनावी डाटा जुटाने और नारे गढ़ने वाली कंपनी चलाते हुए राजनीति में आ गए, वे गठबंधन धर्म के विरुद्ध बयानबाजी कर विरोधी गठबंधन को फायदा पहुंचाने में लगे हैं. सुशील मोदी ने कहा कि एक लाभकारी धंधे में लगा व्यक्ति पहले अपनी सेवाओं के लिए बाजार तैयार करने में लगता है, देशहित की चिंता बाद में करता है.

मोदी ने प्रशांत किशोर के नए नागरिकता क़ानून और एनआरसी के मुद्दे पर आक्रामक अभियान और रोज़ बयानबाज़ी पर भी कहा कि नागरिकता कानून का विरोध करने और एनपीआर पर भ्रम फैलाने से देश कमजोर होता है. भारत विरोधी मजबूत होते हैं, विदेशों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि धूमिल होती है. विदेशी निवेशक हाथ खींचते हैं और देश राजनीतिक अस्थिरता की तरफ जाता है. ऐसी नकारात्मकता से किसका फायदा होगा? मोदी के अनुसार इसमें जिनकी कंपनी को मोटी कमाई दिखती है, वे राजनीतिक चोला ओढ़कर अपना धंधा चमकाने में लगे हैं. जनता ऐसे लोगों को पहचानती है.

वहीं जनता दल यूनाईटेड के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह ने प्रशांत किशोर के बयान के बारे में पूछे जाने पर कहा कि जो बयानबाज़ी में लगे हैं उनके बारे में मुझे कुछ नहीं कहना. इतना मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि दो चीजें बिल्कुल स्पष्ट हैं, 2020 का चुनाव नीतीश बाबू के नेतृत्व में लड़ा जाएगा और सीटों का बंटवारा मीडिया के सामने नहीं होता. आपने देखा सीटों का बंटवारा लोकसभा में मिल बैठकर हुआ और NDA में शीर्ष नेतृत्व है, बहुत अच्छी अंडरस्टेंडिंग है.

इसके बाद बारी प्रशांत किशोर की थी उन्होंने ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी पर तंज कसते हुए कहा "बिहार में (मुख्यमंत्री तथा JDU प्रमुख) नीतीश कुमार का नेतृत्व और JDU की सबसे बड़े दल की भूमिका बिहार की जनता ने तय की है, किसी दूसरी पार्टी के नेता या शीर्ष नेतृत्व ने नहीं. (वर्ष) 2015 में हार के बाद भी परिस्थितिवश उपमुख्यमंत्री बनने वाले (BJP नेता) सुशील मोदी से राजनीतिक मर्यादा और विचारधारा पर व्याख्यान सुनना सुखद अनुभव है." ऐसी बयानबाजी के बीच गठबंधन को लेकर मंझे हुए नेता नीतीश कुमार का सिर्फ यह कहना कि सब ठीक है इसके भी कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं. 

बिहार: भाजपा-जदयू के बीच सीटों का बंटवारा​

 
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