मध्य प्रदेश : भारी बारिश से तबाह हुए किसान अब केंद्र और राज्य सरकार के बीच फंसे

मध्य प्रदेश सरकार इन दिनों बरसात में लाखों हेक्टेयर फसल खराब हुई फसल को लेकर परेशान है. एक तो राज्य सरकार ने जो मुआवज़ा मांगा वो उसे नहीं मिला ऊपर से केन्द्र ने फसल बीमा के पैसे भी बकाये की बात कर लटका दी.

मध्य प्रदेश : भारी बारिश से तबाह हुए किसान अब केंद्र और राज्य सरकार के बीच फंसे

मध्य प्रदेश में फसल बीमा पर राजनीति (फाइल फोटो)

भोपाल:

मध्य प्रदेश सरकार इन दिनों बरसात में लाखों हेक्टेयर फसल खराब हुई फसल को लेकर परेशान है. एक तो राज्य सरकार ने जो मुआवज़ा मांगा वो उसे नहीं मिला ऊपर से केन्द्र ने फसल बीमा के पैसे भी बकाये की बात कर लटका दी. नतीजा प्रदेश के किसानों को राज्य सरकार फसल बीमा राशि नहीं दे पा रही है. वहीं बीजेपी और कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं लेकिन बीच में किसान पिस रहा है. आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में ज्यादा बरसात से इस साल 55 लाख किसानों की 60 लाख हेक्टेयर में फसल बर्बाद हो गई.  राज्य ने केंद्र सरकार से 6621.28 करोड़ रुपए की राहत राशि मांगी थी. 22 नवंबर को पैसे आए सिर्फ 1000 करोड़ रुपये. लेकिन  इससे भी बड़ी मुश्किल केन्द्र ने फसल बीमा के पैसे देने से भी मना कर दिया है, वो भी तब जब राज्य ने अपने हिस्से के 509 करोड़ रुपये जमा कर दिये हैं. कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा पूर्व की शिवराज की सरकार ने अपने समय पर फसल बीमे का प्रीमियम नहीं भरा केन्द्र अब हमसे 2300 करोड़ रूपये मांगे रहा है, मुझे लगता है केन्द्र सरकार प्रदेश के किसानों के साथ धोखा कर रही है.

वहीं  विपक्ष में बैठी बीजेपी कह रही है सरकार पूरे कागजा़त नहीं भेजती, अपनी नाकामी का ठीकरा केन्द्र पर फोड़ रही है. पूर्व सहकारिता मंत्री और नरेला से बीजेपी विधायक विश्वास सारंग ने कहा, 'मैं पूछना चाहता हूं मुख्यमंत्री और मंत्रियों से 11 महीने में कितने यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट दे पाए. आप खुद कुछ कर नहीं पा रहे हैं, बाढ़ आई आंकलन नहीं कर पाए, सर्वे नहीं कर पाए कृत्रिम रूप से पटवारियों की हड़ताल करवाई ताकी सर्वे का काम ना हो सके ये नाकामी है और कुछ नहीं.

गौरतलब है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में केंद्र 60 फीसद और राज्य सरकार 40 फीसद हिस्सा देता है, ऐसे में उसका कहना है कि राज्य 2015 से 2018 का 40 फीसदी के हिसाब से 2300 करोड़ रुपए पहले दे.  लेकिन 1.87 हजार करोड़ के कर्जे में डूबी मध्यप्रदेश सरकार, जो दिसंबर से हर महीने और 13500 करोड़ रूपये का कर्ज ले चुकी है ये रकम जुटाना मुश्किल है.

प्राइम टाइमः मध्य प्रदेश में कर्जमाफी के बाद क्या सोच रहे किसान ?​

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