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अब सोशल मीडिया नहीं, ऐप के जरिये गृह मंत्री तक अपनी समस्याएं पहुंचा सकेंगे जवान...

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अब सोशल मीडिया नहीं, ऐप के जरिये गृह मंत्री तक अपनी समस्याएं पहुंचा सकेंगे जवान...

अब अर्धसैनिक बलों के जवानों को अपनी ड्यूटी संबंधी परेशानियों के लिए सोशल मीडिया की शरण में नहीं जाना पड़ेगा. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. बीएसएफ ने इसके लिए दो मोबाइल ऐप विकसित किए.
  2. गृह मंत्री ने शिकायत निवारण ऐप और बीएसएफ माई ऐप का उद्घाटन किया.
  3. 10 लाख जवान शिकायत निवारण ऐप के जरिये सीधे गृह मंत्रालय से जुड़ सकेंगे.
नई दिल्‍ली: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के अंतर्गत आने वाले अर्धसैनिक बलों के जवानों को अपनी ड्यूटी संबंधी परेशानियों के लिए सोशल मीडिया की शरण में नहीं जाना पड़ेगा. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने इसके लिए दो मोबाइल ऐप विकसित कर जवानों को सीधे गृह मंत्रालय तक अपनी समस्या से अवगत कराने का अवसर मुहैया कराया है.

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को 'शिकायत निवारण ऐप' और 'बीएसएफ माई ऐप' का उद्घाटन कर बीएसएफ सहित सीएपीएफ के अंतर्गत अन्य अर्धसैनिक बल के जवानों को तकनीकी इस्तेमाल से अपनी समस्याओं का निवारण और सेवा को उन्नत करने का आह्वान किया. इससे पहले बीएसएफ की संचार एवं सूचना प्रोद्यौगिकी इकाई के महानिरीक्षक एके शर्मा ने बताया कि बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और एसएसबी सहित सभी अर्धसैनिक बल के लगभग 10 लाख जवान शिकायत निवारण ऐप के जरिये सीधे गृह मंत्रालय से जुड़ सकेंगे. इसके लिए जवान अपने मोबाइल फोन पर यह ऐप डाउनलोड कर अपनी समस्याएं और अनुभव अपने बल और मंत्रालय से साझा कर सकेंगे. साथ ही जवान अपनी समस्या इस ऐप से भेजने के बाद इसके समाधान का स्टेटस संबद्ध बल की वेबसाइट पर देख सकेंगे.

शर्मा ने बताया कि गृह मंत्रालय समस्याओं के समाधान पर निगरानी रखते हुए इसकी समीक्षा भी करेगा. प्रत्येक शिकायत पर संबद्ध बल को स्टेटस भी अपडेट करना होगा. इसी तर्ज पर बीएसएफ माई ऐप भी विकसित करते हुए इसमें कुछ अतिरिक्त सहूलियतें जोड़ी गई हैं. शर्मा ने बताया कि दूरदराज के इलाकों में तैनात बीएसएफ के जवान इस ऐप के जरिये छुट्टी की अर्जी भी संबद्ध अधिकारी को भेज सकेंगे. साथ ही जवान अपने वेतन, भत्ते, पेंशन और प्रोन्नति संबंधी जानकारियां भी हासिल कर सकेंगे. इतना ही नहीं यह ऐप जवानों को भविष्य के लिए वित्तीय निवेश और बचत की योजना बनाने में भी मदद करेगा.

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शर्मा ने बताया कि इस ऐप की सबसे खास बात सूचनाओं की सुरक्षा से जुड़ी है. इसके लिए बीएसएफ ने गूगल प्लेस्टोर के बजाय अपने सर्वर का इस्तेमाल किया है. इससे ऐप का इस्तेमाल करने वालों जवानों से जुड़ी सूचनायें बाहरी सर्वर पर साझा होने से बचाई जा सकेंगी, जिससे इनके दुरूपयोग का खतरा नहीं होगा. इस अवसर पर बीएसएफ के महानिदेशक केके शर्मा और दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक के अलावा सशस्त्र बलों के अन्य आला अधिकारी मौजूद थे.

(इनपुट भाषा से)


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