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बनारस वाले संभल जाइए! अब पान खाकर इधर-उधर थूकने पर लगेगा जुर्माना

वाराणसी नगर निगम ने अब घोषणा की है कि शहर में अगर कहीं कोई थूकता पाया गया तो उस पर कार्रवाई होगी और जुर्माना लगेगा.

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बनारस वाले संभल जाइए! अब पान खाकर इधर-उधर थूकने पर लगेगा जुर्माना

वाराणसी में स्वच्छता बहाल करने के लिए थूकने पर लगाई गई पाबंदी.

खास बातें

  1. तमाम कोशिशों के बाद भी वाराणसी में नहीं हुई साफ-सफाई
  2. पीएम मोदी की अपील के बाद भी नहीं सुधरे हालात
  3. अब पान खाकर थूकने पर लगेगा जुर्माना
वाराणसी:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में स्वच्छता को लेकर तमाम कवायद के बाद भी हालात बदलते नहीं दिख रहे हैं. जिले में साफ-सफाई हालत अभी भी बेहद खराब है. वाराणसी नगर निगम ने अब घोषणा की है कि शहर में अगर कहीं कोई थूकता पाया गया तो उस पर कार्रवाई होगी और जुर्माना लगेगा. इस घोषणा के बाद बनारस में पान खाने वाले लोग बेहद परेशान हैं, क्योंकि यहां पान खाकर ही लोग सबसे ज्यादा इधर-उधर थूकते हैं. लोग इस बात से भी परेशान हैं कि नगर निगम कूड़े की समस्या का समाधान तो नहीं कर रहा उल्टे ऐसे नियम लगा रहा है, जिससे शहर को साफ करने की कवायद कर रहा है, जो सिर्फ दिखावटी है.(

VIDEO: बनारस: पान खाकर थूकने पर लग सकता है जुर्माना

इस फरमान के बाद पान खाने वालों में बहस शुरू हो गई है. हर पान की दुकान पर भी यही बहस चल रही है. कोई इसके पक्ष में है तो कोई कह रहा है कि ये तुगलकी फरमान है. पहले वह थूकने की जगह तो निर्धारित करे फिर जुर्माने की बात. साथ ही पहले नगर निगम शहर के कूड़े का मुकम्मल निस्तारण करने की व्यवस्था करे. सफाई की अपनी जिम्मेदारी निभाए न कि इस तरह की सोसे बाजी में फंसे. 


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पान के शौक़ीन  दयाल दास कहते हैं, 'नगर निगम सफाई अभियान में ही सक्सेस नहीं है तो ये लगाने से क्या फायदा पहले सफाई करे कूड़ा करकट साफ करे, हर जगह पड़ा है. सफाई अभियान चला रहे हैं तो देखिए हर जगह कूड़ा लगा है, सफाई नजर ही नहीं आता थूकने पर जुर्माना लगाने का तो कोई मतलब नहीं है पहले कूड़ा अभियान को देखे.'

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बनारसी पान के दीवाने रवि विश्वकर्मा इनकी बात को आगे बढ़ाते हुए कहते हैं, 'प्रदेश सरकार की स्वक्षता के साथ हूं, लेकिन हर चीज का समाधान जुर्माना नहीं होता. आप पहले ये तो बताएंगे कि कहां थूकना है. अगर हम वहां न थूके तो आप जुर्माना लगाइए तुगलकी फरमान जारी कर देना. कल आप कहेंगे ये करेंगे तो ये करेंगे तो ये आप ये कह देंगे कि दो घंटे से ज्यादा सोयेंगे तो जुर्माना लगेगा तो ये ठीक नहीं है.' 

पान पर जुर्माने और बनारस की सफाई को लेकर लोगों का ये रोष यूं ही नहीं है. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र में खुद स्वच्छता शुरुआत की थी. खुद प्रधानमंत्री ने पान खाकर थूकने की आदत पर यहां तंज कसा था. तब से लगातार इस शहर को साफ करने की कवायद होती रही है, लेकिन शहर के दामन में कूड़े का जो दाग लगा है वह नगर निगम के तमाम कोशिशों के बावजूद भी छूट नहीं रहा है. लिहाजा सफाई के लिए कुछ तो करना है तो अब ये नया फरमान सामने आया है. 

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नगर आयुक्त नवीन बंसल और साफ करते हुए बताते हैं, 'गंदगी किसी भी चीज को लेकर हो सकती है पान को लेकर हो सकती हो मुंह में चबाने वाली चीज को लेकर हो सकती है. चाहे गंदा कपड़ा फेंक दिया, कूड़ा करकट भेंक दिया, किसी चीज को जला दिया ये सब गंदगी फैलाने में आती है. इसको लेकर जुर्माना लगाने की बात कर रहे हैं. इसमें अलग-अलग चीजों से गंदगी फैलाने पर अलग अलग जुर्माने की राशि होगी और अगर मल्टीपल टाइम करेंगे तो जुर्माने की राशि बढ़ जायेगी और अंतिम विकल्प हमारे पास ये होगा की अहम उनका रजिस्ट्रेशन रद्द कर देंगे.

इस जुर्माने को लेकर नगर निगम ने फरमान तो जारी कर दिया, लेकिन जुर्माना कितना होगा. लोगों को कैसे पकड़ेंगे. क्या पूरे शहर में सीसीटीवी लगायेंगे. नगर निगम के 2700 सफाई कर्मचारी हैं जो 20 लाख की आबादी वाले इस शहर में हर रोज निकलने वाले 600 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण करने में ही परेशान रहते हैं. उन्हें इस काम में लगाया जायेगा. ये अभी साफ नहीं है पर नगर निगम के अधिकारी कहते हैं ये जुर्माना जारी होगा.



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