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पठानकोट हमले की जांच को लेकर पाकिस्‍तान की तरफ से मिले-जुले संकेत

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पठानकोट हमले की जांच को लेकर पाकिस्‍तान की तरफ से मिले-जुले संकेत

पाक से वार्ता को लेकर भारत ने अभी नहीं किया तारीख का ऐलान (फाइल फोटो)

नई दिल्ली/इस्लामाबाद: शुक्रवार यानी 15 तारीख को प्रस्तावित भारत-पाक वार्ता का वक्त नजदीक आते-आते, पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले की जांच को लेकर पाकिस्तान की ओर से भारत को मिले-जुले संकेत दिए जा रहे हैं। पाकिस्तान के अधिकारी यह कह चुके हैं कि भारत की ओर से जो सबूत दिए गए हैं वे नाकाफी हैं।

पाकिस्‍तानी मीडिया रिपोर्ट्स कह रही हैं क‍ि पाकिस्‍तान ने पठानकोट हमले की जांच के प्रारंभिक निष्कर्षों को सौंप दिया है और नई दिल्‍ली की तरफ से आज जवाब की उम्‍मीद है।

इस बीच, गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा है कि पाकिस्तान ने पठानकोट एयरफोर्स बेस पर हुए आतंकवादी हमले के मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है, और चूंकि हमारे पास उन पर शक करने की कोई वजह नहीं है, इसलिए हमें इंतज़ार करना चाहिए।

भारत ने कहा है कि पठानकोट के हमलावरों का पाकिस्‍तान आधारित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद से लिंक है और उसने छह आतंकियों द्वारा पाकिस्‍तान में अपने हैंडलरों को किए गए फोन की ऑडियो ट्रांस्क्रिप्टस और नंबर पड़ोसी देश को मुहैया कराए हैं। उधर, पाकिस्‍तानी अधिकारियों ने दावा किया है कि भारत द्वारा मुहैया कराए गए नंबर उनके यहां रजिस्‍टर्ड नहीं है। उन्‍होंने नई दिल्‍ली से और सबूतों की मांग की है।

इस हमले में भारतीय सेना के सात जवान शहीद हुए थे और 20 घायल हुए थे। भारत ने साफ किया है कि वह पाकिस्‍तान उसके द्वारा दिए गए सबूतों के आधार पर पठानकोट हमले के साजिशकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करे।

सूत्रों का कहना है कि आंतकी हमले की जांच के इस उलझे मसले को सुलझाने की दिशा में हो सकता है कि एनएसए अजीत डोभाल अगले कुछ दिनों के भीतर अपने समकझ नासिर खान जांजुआ से मुलाकात कर सकते हैं। यह मुलाकात किसी तीसरे ही देश में हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि यह गोपनीय मुलाकात हो सकती है।

पाकिस्तान ने वैसे खुद को भारत का इस केस में मददगार जताते हुए 5 गिरफ्तारियां की हैं और ये गिरफ्तारियां पाकिस्तान के दक्षिणी पंजाब इलाके से की गई हैं। हालांकि सरकार की ओर से संदिग्धों की आइडेंडिटी को लेकर कोई सूचना जारी नहीं की गई है।

पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ ने मिलिट्री, खुफिया अधिकारियों और टॉप सरकारी अधिकारियों की एक जॉइंट कमेटी बनाई है जो भारत द्वारा उसे सौंपे गए सबूतों की जांच परख करेगी।


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