आयुष्मान भारत के तहत करीब 2300 कोविड-19 रोगियों का नि:शुल्क इलाज किया गया : अधिकारी

आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत विभिन्न अस्पतालों में करीब 2300 लोगों ने कोविड-19 का नि:शुल्क इलाज कराया है जबकि पिछले डेढ़ महीने में तीन हजार से अधिक लोगों ने संक्रमण की जांच कराई है.

आयुष्मान भारत के तहत करीब 2300 कोविड-19 रोगियों का नि:शुल्क इलाज किया गया : अधिकारी

आयुष्मान भारत योजना के तहत रोगियों का हुआ नि:शुल्क इलाज

नई दिल्ली:

आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत विभिन्न अस्पतालों में करीब 2300 लोगों ने कोविड-19 का नि:शुल्क इलाज कराया है जबकि पिछले डेढ़ महीने में तीन हजार से अधिक लोगों ने संक्रमण की जांच कराई है. यह जानकारी बृहस्पतिवार को अधिकारियों ने दी.उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) में एक कॉल सेंटर का इस्तेमाल कोविड-19 के सहायता केंद्र के रूप में किया जा रहा है और 600 से 700 एजेंट लोगों के सवालों का जवाब दे रहे हैं. आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को लागू करने की जिम्मेदारी एनएचए पर है.


एनएचए ने कोरोना वायरस के संभावित खतरे वाले लोगों को फोन कर एहतियान परामर्श भी दिया है. इन लाभार्थियों में 60 वर्ष से ऊपर के लोग हैं और हाल में उनका पीएमजेएवाई के तहत उपचार हुआ है या ऐसे लोग शामिल हैं जो अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं.एनएचए ने चार अप्रैल को कहा कि कोविड-19 की जांच और उपचार आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को निजी अस्पातालों और पैनल वाले अस्पतालों में उपलब्ध कराया गया.एबी-पीएमजेएवाई और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिककरण के सीईओ डॉ. इंदुभूषण ने कहा कि सितम्बर 2018 में योजना शुरू होने के बाद से देश भर के अस्पतालों में करीब एक करोड़ 42 हजार 416 लोगों ने 13 हजार 412 करोड़ रुपये का नि:शुल्क लाभ उठाया.


भूषण ने बताया कि विभिन्न अस्पतालों में करीब 2300 मरीजों ने कोविड-19 का नि:शुल्क इलाज कराया है जबकि तीन हजार से अधिक लोगों ने पिछले डेढ़ महीने के अंदर कोरोना वायरस की जांच कराई है.योजना के तहत एक करोड़ से अधिक इलाज होने का आंकड़ा पूरा होने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्धन ने बृहस्पतिवार को आरोग्य धारा के पहले संस्करण का उद्घाटन किया. यह एक वेबिनार की श्रृंखला है जिसमें जन स्वास्थ्य के मुद्दों पर चर्चा होती है.हर्षवर्द्धन ने कहा, ‘‘आयुष्मान भारत पीएमजेएवाई की शुरुआत होने के दो वर्ष से भी कम समय में देश के एक करोड़ गरीब लोगों का इलाज किया जाना बहुत बड़ी उपलब्धि है.''


उन्होंने कहा, ‘‘21,565 सरकारी एवं निजी पैनल वाले अस्पतालों के माध्यम से 13,412 करोड़ रुपये का इलाज मुहैया कराया गया. आयुष्मान भारत मानवीय रूख के साथ स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों में सहायक होगा''स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस योजना में गरीबों और कमजोर तबके के लोगों को सस्ती इलाज सुविधा मिल रही है. इसमें प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर है.स्वास्थ्य मंत्री ने व्हाट्सएप पर ‘आस्क आयुष्मान' चैटबोट भी शुरू किया.

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