किसान आंदोलन को लेकर गृहमंत्री ने की उच्चस्तरीय बैठक, दिल्ली में अधिक संख्या में होगी अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती

किसानों को तय रूट पर ट्रैक्टर रैली निकालनी थी, लेकिन किसानों के समूह ने कई जगहों पर बैरिकेड्स तोड़ दिए और दिल्ली के अंदर घुस गए.

किसान आंदोलन को लेकर गृहमंत्री ने की उच्चस्तरीय बैठक, दिल्ली में अधिक संख्या में होगी अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती

पुलिस ने कई जगहों पर लाठीचार्ज किया है, जिसमें कई लोग जख्मी हो गए हैं.

Farmers Tractor Rally : किसानों का ट्रैक्टर परेड हिंसक होने के बाद शांति स्थापित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केन्द्र सरकार ने मंगलवार को दिल्ली में और संख्या में अर्द्धसैनिक बलों को तैनात करने का फैसला लिया है. केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया. बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, दिल्ली पुलिस के आयुक्त एस. एन. श्रीवास्तव सहित अन्य लोगों ने हिस्सा लिया. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त संख्या में अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है. कितनी संख्या में अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया जा रहा है कि इसकी पुख्ता जानकारी नहीं है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि 15-20 कंपनियां (1,500 से 2,000 कर्मी) तैनात की जाएंगी. गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर राजधानी में पहले से अर्द्धसैनिक बलों के करीब 4,500 कर्मी तैनात हैं.

किसानों को तय रूट पर ट्रैक्टर रैली (Tractor Rally) निकालनी थी, लेकिन किसानों के समूह ने कई जगहों पर बैरिकेड्स तोड़ दिए और दिल्ली के अंदर घुस गए. इसके बाद कई जगहों पर पुलिस (Delhi Police) और किसानों के बीच झड़प भी हुई. किसान आईटीओ (ITO) तक पहुंच गए थे, उसके बाद उन्होंने वहां रोका गया, जिसके बाद वे ट्रैक्टर लेकर लाल किले की तरफ चले गए. उग्र हुए किसान ट्रैक्टर लेकर लाल किले के अंदर पहुंच गए और फिर वहां पर एक पोल पर एक झंडा फहराया. जिसके बाद पुलिस ने लाल किले को खाली करवा लिया. 

बताया जा रहा है इस बैठक के बाद कानून व्यवस्था को लेकर मजबूत इंतजाम किए जा सकते हैं. इसके साथ ही केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती भी की जा सकती है. 

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ट्रैक्टर परेड निकाल रहे किसान दिल्ली के कई इलाकों में जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कानून एवं व्यवस्था की मौजूदा स्थिति के मद्देनज़र दिल्ली के कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है. सरकार के आदेश के बाद नांगलोई में जिओ ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी है. न्यूज एजेंसी एएनआई ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि गृह मंत्रालय द्वारा सिंघु, गाजीपुर, टिकरी, मुबारका चौक, नागलोई और उससे जुड़े आस-पास के इलाकों में इंटरनेट सेवा आज रात 12 बजे तक के लिए बंद कर दिया गया.

बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी किसान अपने नेताओं की बात भी नहीं सुन रहे हैं और बेकाबू हो गए हैं. हालांकि, किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) का दावा है कि प्रदर्शन पर किसान नेताओं का नियंत्रण है. उन्होंने कहा कि गड़बड़ी फैलाने की कोशिश करने वाली की पहचान है. राजनीतिक दलों के लोग हैं, जो आंदोलन को खराब करने की कोशिश में जुटे हैं. उधर, दिल्ली पुलिस ने किसानों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

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वहीं, स्वराज अभियान के प्रमुख और किसानों के प्रतिनिधि योगेंद्र यादव (Yogendra Yadav) ने किसानों से अपील की है कि वे कोई ऐसा काम न करें जिससे किसान आंदोलन बदनाम हो. उन्‍होंने एक वीडियो जारी कर कहा, 'देश के किसान आंदोलन की इज्जत आपके साथ में हैं. कुछ ऐसा न हो कि किसान आंदोलन को नुकसान पहुंचे. ''

बता दें, किसानों की ओर से निकाली गई रैली के दौरान ट्रैक्‍टर हादसे में एक किसान की मौत हो गई. पुलिस ने इसकी पुष्टि की है. जानकारी के अनुसार, आईटीओ के पास डीडीयू मार्ग के पास एक किसान की हादसे में मौत हुई है. पुलिस का कहना है कि ट्रैक्टर तेज चला रहा था और ट्रेक्टर पलट गया जिससे उसकी मौत हुई. कुछ किसान वहां धरने पर बैठ गए हैं उनका कहना है पुलिस ने गोली मारी है. मृतक किसान का नाम नवनीत सिंह है. 30 साल का नवनीत उत्तराखण्ड के बाजपुर इलाके का रहने वाला बताया गया है.

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