हिन्दी दिवस पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का देश को संदेश - हिन्दी हमारी विरासत नहीं, ताकत है

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हिन्दी दिवस (Hindi Diwas) के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा, पूरी दुनिया में हमारा देश एक अलग प्रकार का देश है. कई प्रकार की संस्कृतियां, कलाएं और भाषाओं का मेलजोल यहां पर दिखाई पड़ता है.

हिन्दी दिवस पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का देश को संदेश - हिन्दी हमारी विरासत नहीं, ताकत है

हिंदी दिवस (Hindi Diwas) पर देश को अमित शाह का संदेश

नई दिल्ली:

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हिन्दी दिवस (Hindi Diwas) के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि , पूरी दुनिया में हमारा देश एक अलग प्रकार का देश है. कई प्रकार की संस्कृतियां, कई प्रकार की कलाएं और कई प्रकार की भाषाओं का मेलजोल यहां दिखाई पड़ता है. यह हमारी बहुत बड़ी ताकत है. हम सभी दृष्टि से एक सम्पन्न राष्ट्र हैं. अनेक भाषाएं एवं सस्कृतियां न केवल हमारी विरासत हैं, बल्कि हमारी ताकत भी हैं. इसलिए हमें इसके आगे बढ़ाना है.

उन्होंने कहा, संस्कृति और विविधता से भरे इस गौरवशाली देश में पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण के बीच कई भाषाओं ने सदियों से संपर्क बनाए रखने का काम किया है. हिन्दी इसमें प्रमुख भाषा रही है. देश के कई नेताओं ने समय-समय पर हिन्दी के योगदान को सराहा है. हिन्दी ने भारत को एकता के सूत्र में पिरोने का काम किया है. हिन्दी भाषा और बाकी सारी भाषाओं ने मिलकर भारत की सांस्कृतिक विविधता को आगे ले जाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है. ब्रज, बुंदेलखंडी, अवधी, अन्य भाषाएं और बोलियां इसका उदाहरण हैं. हिन्दी हमारे देश के स्वतंत्रता संग्राम के समय से राष्ट्रीय एकता व अस्मिता का प्रभावी और शक्तिशाली माध्यम रही है.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

यह भी पढ़ें- Hindi Diwas 2020: आज है हिन्दी दिवस, जानिए कब और कैसे शुरू हुआ 14 सितंबर को हिन्दी दिवस मनाने का सिलसिला

हिन्दी की विशेषता है कि इसमें जो बोला जाता है, वही लिखा जाता है. हिन्दी की इन विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय संविधान सभा ने 14 सितंबर, 1949 को हिन्दी संघ की राज्यभाषा के रूप में अंगीकार किया. हिन्दी भाषा ने बाकी सारी भाषाओं को भी बल देने का प्रयास किया है. हर राज्य की भाषा को हिन्दी ताकत देती है. अमित शाह ने देश के युवाओं से अपील की, कि जब स्थानीय भाषा में बोलने वाला साथी हो, तब और कोई भाषा का प्रयोग न करते हुए भारतीय भाषा के प्रयोग का आग्रह रखिए. उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा, कि अपने बच्चों में भारतीय भाषा में बात करने का संस्कार डालें.